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Kanpur News: 35 किमी में सौ से ज्यादा गड्ढे का सफर और जख्म देते

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कानपुर देहात/उरई। कानपुर-झांसी हाईवे बदहाल हो चुका है। खासकर जालौन (उरई) से लेकर कानपुर देहात के बारा जोड़ तक कानपुर की लेन का सफर जख्म देने वाला हो सकता है। कई हादसे भी हो चुके हैं जिसमें लोगों ने जान तक गंवाई हैं... पर जिम्मेदार हैं कि चेत ही नहीं रहे। अब ऐसी सड़क पर कोहरे के बीच सफर हादसे को न्योता देेने वाला हो सकता है।
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मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने सड़क की स्थिति जांचने की पड़ताल की। कालपी पुल पार करते ही कानपुर देहात जिले की सीमा में पिपरी से लेकर बारा जोड़ तक करीब 35 किमी की दूरी में 100 से अधिक ऐसे गड्ढे नजर आए जो जानलेवा साबित हो सकते हैं। सबसे खराब स्थिति चौरा, पिपरी, भोगनीपुर, देवीपुर, डींघ, छतेनी, लालपुर, मावर के पास दिखी। इस मार्ग पर आटा टोल है। यहां से रोजाना करीब आठ के करीब वाहन गुजरते हैं। इनसे लगभग 30 लाख टोल टैक्स वसूला जाता है। इसके बाद भी डेढ़ साल से सड़क मरम्मत की सुध नहीं ली गई।
एक साल से सड़क सुरक्षा समिति की होने वाली बैठकों में हादसे कम करने पर जोर रहा। सड़क मरम्मत के निर्देश भी दिए गए मगर नतीजा सिफर रहा।
सीन-1
एकाएक ब्रेक लगाया तो हादसा तय



झांसी-कानपुर हाईवे पर देवीपुर के बीच करीब एक किलोमीटर रोड गड्ढों में तब्दील नजर आई। देवीपुर पुल व उससे उतरते सड़क उखड़ी दिखी। कई जगह एक से डेढ़ फीट लंबे गड्ढे दिखे। पुल से उतरने में यह गड्ढे नजर नहीं आते हैं। मोहम्मदपुर के पास भी गड्ढे दिखे। दोनों स्थानों पर करीब 10 गड्ढे खतरनाक नजर आए। ऐसे में यदि दो व चार पहिया वाहन सवार एकाएक ब्रेक लगाए तो पीछे से वाहन आकर टकरा सकता है। यहां कई हादसे हो चुके हैं।
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सीन-2
गड्ढों की गहराई का नहीं लगा पता अंदाजा

चौरा और पिपरी के बीच कई जगह सड़क धंसी हुई नजर आई। कालपी पुल पार कर चौरा की तरफ बढ़ने पर कई जगह कानपुर जाने वाले लेन पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आए। करीब पांच किमी दूरी में चार स्थानों पर छोटे बड़े 30 गड्ढे दिखे। रफ्तार तेज होने पर इनकी गहराई भी नजर नहीं आती। इनसे बाइक सवार बचते हुए चलते नजर आए। कार व ट्रक चालक भी इनसे बचते हुए नजर आए। इसके आगे ही चौरा बाजार के पास भी गड्ढे दिखे।

इनसेट



भोगनीपुर से पुखरायां पटेल चौक, अहरौलीशेख पुल के पास सड़क उखड़ी मिली। पटेल चौक से पहले एक जगह सड़क धंसी नजर आई। साथ ही करीब 500 मीटर दूरी में छोटे-बड़े 15 गड्ढे दिखे। इन गड्ढों की वजह से राहगीर बचते हुए दिखे। यही स्थिति लालपुर, मावर, छतेनी के पास दिखी। इन स्थानों पर भी छोटे बड़े 40 से अधिक गड्ढे दिखे।



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इस साल अब तक हुए हादसे-

1-एक जनवरी को झांसी कानपुर हाईवे पर डीघ के पास बाइक से जा रहे मोहदियापुर निवासी रजा हुसैन हाईवे में गड्ढे देखकर ब्रेक लगाया तो पीछे से आ रही बाइक टकरा गई थी। रजा हुसैन की मौत हो गई और सट्टी थाना के महकापुर निवासी बाबूसिंह, आशू व सहजल घायल हो गए थे।



2-दो जनवरी को झांसी कानपुर हाईवे पर डीघ गांव के पास आगे जा रहे ट्रक से गड्ढों में अनियंत्रित होकर पीछे से ट्रक टकरा गया था। इसमें चालक नीरज घायल हो गया था।



3-तीन जनवरी को जालौन-इटौरा से स्कूल बस बच्चों को टूर में अयोध्या लेकर जा रही थी। डीघ गांव के पास झांसी-कानपुर हाईवे पर गड्ढों में ब्रेक लेते ही पीछे से ट्रक टकरा गया था। इसमें बड़ी घटना होने से बच गई थी।



4-पांच जनवरी को झांसी कानपुर हाईवे पर छतेनी के पास गड्ढों के कारण अनियंत्रित होकर ट्रक डिवाइडर पर चढ़कर पलट गया था। इसमें बड़ा हादसा टला था।



5-19 जनवरी डीघ पेट्रोलपंप के पास गेस्ट हाउस के सामने कानपुर-झांसी हाईवे किनारे परिजनों के साथ खड़े जगदीशपुर निवासी ओम सिंह की डीसीएम की टक्कर से मौत हो गई थी। अन्य लोग घायल हो गए थे। गड्ढ़ा बचाने के लिए चालक ने डीसीएम किनारे की तरफ काट दी थी।



6- 22 जनवरी को मूसानगर के सरौटा द्वितीय निवासी ज्ञान सिंह परिवार के प्रमिला, उर्मिला, रामसखी, अरविंद आदि के साथ लौट रहे थे। डीघ के सामने गड्ढा देखकर ब्रेक लगाते ही पीछे से डंपर ने टक्कर मार दी थी। कार पलटने से सभी सवार घायल हो गए थे।



7-6 फरवरी को भोगनीपुर के पास सड़क पर गड्ढे से बचने में बाइक सवार देवराहट के लखनापुर निवासी प्रवीण कुमार उर्फ पुष्पेंद्र यादव ब्रेक लगाया। इसी बीच डंपर ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।



8- 28 फरवरी को डीघ गांव के पास फैक्टरी ड्यूटी पर जा रहे छतेनी निवासी विवेक कठेरिया ने गड्ढों से बचने के लिए बाइक धीमी की तो पीछे से आए तेज रफ्तार मौरंग लगे डंपर ने टक्कर मार दी। उसे 70 मीटर तक घसीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।



9-झांसी के गौती एरच पूछ निवासी अशोक कुमार की पत्नी अनीता के साथ रायपुर जा रहे थे। डींघ, देवीपुर के बीच गड्ढे में बाइक आने पर पीछे बैठी अनीता उछल कर नीचे गिरी। उसकी मौत हो गई।



10-16 अप्रैल को बाइक सवार महाराजगंज के पुरवामीर निवासी महेश कुमार निगम की भोगनीपुर के पास गड्ढे में ब्रेक लगाते ही पीछे से आ रहे वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी।



11- दो मई को हाईवे पर सोमढाबा के सामने गड्ढों में बाइक उछल गई। इस बीच पीछे से आ रहा वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में हांसेमऊ निवासी कमलजीत, अर्जुन और पुखरायां के इंद्रानगर निवासी अनुराग की मौत हो गई थी।



12- 13 मई को बाइक सवार बलरामपुर निवासी अमन, शनि और रवि की हांसेमऊ के पास गड्ढे में बाइक उछलने से से गिरकर घायल हो गए थे। इसमें अमन की मौत हो गई थी।





आधे घंटे के सफर में लग जाता एक घंटा

उरई जिले की सीमा कालपी से बारा जोड़ की 35 किमी का सफर करीब आधे घंटे का है, लेकिन खराब सड़क की वजह से रफ्तार धीमी हो जाती है और बारा टोल तक पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है। मंगलवार को कालपी से अकबरपुर आ रहे शमशुद्दीन ने बताया कि उन्हें माती तक पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया। उनका अक्सर भोगनीपुर से आना-जाना रहता है। एक साल पहले तक भोगनीपुर से माती तक आने में मात्र 20 मिनट लगते थे।



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बिगड़ जाता सस्पेंशन, हर सप्ताह करानी पड़ती बैलेंसिंग



भोगनीपुर से प्रतिदिन माती मुख्यालय व कचहरी आने वाले अंकित शुक्ला, ध्रुवलाल प्रजापति, दीपक पांडेय, दिनेश मिश्रा, रजनीश अग्निहोत्री, धर्म सिंह यादव ने बताया कि खराब सड़क की वजह से जहां हादसे का डर रहता है। गड्ढे में गाड़ी के पहिये जाने से सस्पेंशन खराब हो रहा है। हर सप्ताह पहियों की बैलेंसिंग करानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये टोल लेने के बाद यह स्थिति है।





फोटो
आटा टोल से रोजाना गुजरते आठ हजार वाहन, वसूला जाता 30 लाख का टैक्स



आटा। झांसी–कानपुर नेशनल हाईवे की हालत इन दिनों बेहद खराब है। आटा टोल से रोजाना करीब छोटे बड़े करीब आठ हजार वाहन गुजरते हैं। जिसे करीब 25 से 30 लाख रुपये की टोल टैक्स वसूल किया जाता है। डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी जिम्मेदार अनदेखी किए हैं।

डीएम राजेश कुमार पांडेय ने हाईवे प्राधिकरण को निर्देश दिए थे कि दीपावली तक कालपी से आटा तक सड़क को गड्ढामुक्त किया जाए। झांसी से कानपुर जाने वाले इस मार्ग पर आटा से कालपी तक 17 किलोमीटर के भीतर हर 20 कदम पर गड्ढे नजर आते हैं। साईं मंदिर और उसरगांव के बीच सड़क पर बड़े गड्ढे हैं। उसरगांव तिराहे के सामने एक ही स्थान पर करीब 20 गड्ढे थे। इनमें कुछ ही गड्ढों को भरा गया है, बाकी खुले पड़े हैं। साईं मंदिर के सामने तो सड़क नाली जैसी हो गई है। यहां से गुजरते समय वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और हादसे हो जाते हैं। (संवाद)





बयान...



डीएम व एनएचएआई के अधिकारियों से कहा

हाईवे में गड्ढों की भराई करके रोड दुरुस्त कराए जाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों से कहा गया है। उन्होंने जल्द रोड दुरुस्त कराए जाने का आश्वासन दिया है। इसके लिए जिलाधिकारी को भी निर्देशित किया गया है।
- राकेश सचान, कैबिनेट मंत्री



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पीडी बोले, सड़क बहुत खराब, 15 से 20 दिन में हो जाएगी मरम्मत



कानपुर-झांसी हाईवे पर कानपुर लेन जाने की सड़क खराब होने की स्थिति से पूरी तरह वाकिफ हूं। आज ही विजिट किया है। अभी कार्यभार संभाला है। कुछ जगह सड़क की मरम्मत कराई गई थी। बीच में ठेकेदार मेंटीनेंस का छोड़ कर चला गया था। उस पर कार्रवाई की जा रही है। अब नए सिरे से काम कराया जा रहा है। सड़क बनाने के लिए ठेकेदार ने प्लांट लगा लिया है। 15 से 20 दिनों में पूरी सड़क बनाई जाएगी। कहीं पर गड्ढे नहीं रहेंगे।
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- अभिषेक लोढवाल, परियोजना निदेशक एनएचएआई झांसी परिक्षेत्र
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