फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: तीन माह में 667 शुगर बीपी के मरीजों में महज 43 का हुआ फॉलोअप

Sat, 20 Jun 2026 01:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। गैर संचारी रोगों के रोकथाम को लेकर चलाए जा रहे अभियान में सीएचओ व डॉक्टर बिल्कुल भी रुचि नहीं ले रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ सकता है। जिम्मेदारों की ओर से तीन महीनों में ब्लड प्रेशर व शुगर के 667 रोगियों में से महज 43 रोगियों का फॉलोअप किया गया है।
विज्ञापन

लोगों के अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह रहने से शुगर, ब्लड प्रेसर जैसी गैर संचारी रोगों की बीमारी लगातार बढ़ रही है। समय पर पहचान न होने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं, यहां तक कि जानलेवा भी बन जाती हैं। गैर संचारी रोगों के रोकथाम के लिए शासन की ओर से एनसीडी स्क्रीनिंग करवा कर ब्लड प्रेशर, शुगर, कैंसर आदि के मरीजों का पता लगाकर उनकी नियमित निगरानी कर बीमारी से बचाने पर जोर दिया जा रहा है लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर पूरी तरह से बेपरवाह बने हुए हैं।
जिले को वर्ष 2025-26 में 30 वर्ष से अधिक आयु के 791522 लोगों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया गया था। इसमें से 677626 रोगियों की स्क्रीनिंग कर ई-कवच पोर्टल पर दर्ज किया था। इन लोगों में से 469056 लोगों की स्क्रीनिंग सीएचओ व एएनएम की ओर से गई थी। जबकि डॉक्टरों ने 6911 लोगों की स्क्रीनिंग की थी। स्क्रीनिंग के दौरान जिम्मेदारों ने 667 लोगों में ब्लड प्रेशर व शुगर की बीमारी पाई थी। गैर संचारी रोगों से होने वाले खतरे से भली भांति परिचित होने के बावजूद भी जिम्मेदार इन रोगियों का फॉलोअप करना लाजमी नहीं समझ रहे हैं। जिम्मेदारों की ओर एक अप्रैल से 16 जून तक महज 43 रोगियों का फॉलोअप किया गया है।
विज्ञापन

.....................
फॉलोअप करने में सरवनखेड़ा ब्लॉक सबसे आगे
चिह्नित किए गए 667 शुगर व बीपी के रोगियों का फॉलोअप करने में सरवनखेड़ा ब्लॉक सबसे आगे हैं। यहां कुल 16 बीपी व छह शुगर के मरीजों का फॉलोअप किया गया है। वहीं, मैथा ब्लॉक में चार शुगर व चार बीपी, डेरापुर ब्लॉक में छह बीपी, एक शुगर, रसूलाबाद ब्लॉक में दो बीपी व एक शुगर, अकबरपुर ब्लॉक में दो बीपी के मरीज व मलासा ब्लॉक में एक शुगर के मरीज का फॉलोअप किया गया है। इसके अलावा अन्य ब्लॉकों में पूर्व में चिह्नित किए गए गैर संचारी रोगों से ग्रसित लोगों का फॉलोअप करने में रुचि नहीं दिखाई गई।
.......................
ग्रामीणों में भी जागरुकता का अभाव
गैर संचारी रोग के नोडल डॉ. डीके सिंह ने बताया कि गैर संचारी रोगों को लेकर लोगों में भी जागरूकता का अभाव है। इसके चलते उनकी ओर से भी नियमित जांच करवाने में सहयोग नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि शुगर व हाइपरटेंशन से बचने के लिए लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। शुगर लेवल बढ़ने पर प्राय: लोगों में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक व किडनी फेल जैसी खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने ने बताया कि शुगर व उच्च रक्तचाप के लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। ताकि बड़ा खतरा से पहले बीमारी का पता चल सके। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप इतनी खतरनाक बीमारी है कि उसे चिकित्सा क्षेत्र में साइलेंट किलर का नाम दिया गया है।
....................
बयान
गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग व पूर्व में चिह्नित रोगियों का फॉलोअप करने की संख्या बढ़ाने के लिए बृहस्पतिवार को डॉक्टरों व सीएचओ के साथ जूम मीटिंग कर विशेष निर्देश दिए गए हैं। स्क्रीनिंग व फॉलोअप में लापरवाही करने वाले डॉक्टरों व सीएचओ को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी जाएगी। - डॉ. डीके सिंह नोडल गैर संचारी रोग
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें