कानपुर। केडीए के बकायेदार आवंटियों को राहत देने के लिए 18 अप्रैल से एकमुश्त समाधान योजना-2026 लागू की जा रही है। यह योजना 17 जुलाई तक प्रभावी रहेगी। इससे करीब तीन हजार डिफाल्टर आवंटियों को लाखों रुपये के ब्याज से राहत मिलेगी।
आवंटी इंटरनेट के माध्यम से www.awasbandhu.in पर आवेदन कर सकते हैं। एसबीआई या एक्सिस बैंक से भी आवेदन मिलेंगे। शासन ने आवेदनों का निस्तारण तीन माह में करने का आदेश दिया है। केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल ने बताया कि आवंटी लंबे समय से इस योजना की मांग कर रहे थे। छह साल पहले कोरोना काल में भी ऐसी योजना आई थी। तब आवंटी इसका लाभ नहीं ले पाए थे। डिफाल्टर आवंटी इसका लाभ लेकर ब्याज से बच सकते हैं।
विभिन्न श्रेणियों के आवंटियों के लिए अलग-अलग प्रोसेसिंग फीस (जीएसटी सहित) और आवेदन के साथ जमा की जाने वाली राशि निर्धारित की गई है। इसके तहत ईडब्ल्यूडीएस श्रेणी के भवन, भूखंड के लिए प्रोसेसिंग फीस 100 रुपये और आवेदन के साथ जमा की जाने वाली धनराशि 5000 रुपये है। इसी तरह एलआईजी श्रेणी के भवन, भूखंड के लिए प्रोसेसिंग फीस 500 रुपये और आवेदन के साथ जमा की जाने वाली धनराशि 10,000 रुपये है। अन्य श्रेणी की आवासीय एवं मिश्रित उपयोग की संपत्तियों और व्यावसायिक दुकान व दुकानों के भूखंडों के लिए प्रोसेसिंग फीस 2100 रुपये और आवेदन के साथ जमा की जाने वाली धनराशि 50,000 रुपये है। अन्य व्यावसायिक संपत्तियों के लिए प्रोसेसिंग फीस 11,000 रुपये और आवेदन के साथ जमा की जाने वाली धनराशि पांच लाख रुपये है। ग्रुप हाउसिंग श्रेणी के लिए प्रोसेसिंग फीस 11,000 रुपये और आवेदन के साथ जमा की जाने वाली धनराशि पांच लाख रुपये है। संस्थागत संपत्तियों के लिए प्रोसेसिंग फीस 11,000 रुपये और आवेदन के साथ जमा की जाने वाली धनराशि पांच लाख रुपये है। मानचित्र के लिए प्रोसेसिंग फीस 5,000 रुपये और आवेदन के साथ जमा की जाने वाली धनराशि दो लाख रुपये है।
एसबीआई की मोतीझील, पनकी, शताब्दीनगर, कोयलानगर, रतनलालनगर शाखा और एक्सिस बैंक की सिविल लाइंस, नौबस्ता, बर्रा, दादानगर, स्वरूपनगर, कल्याणपुर शाखाओं में निर्धारित प्रोसेसिंग फीस और प्रारंभिक धनराशि जमा कर ओटीएस फार्म लिए जा सकते हैं।