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‘गुरु’ का गुंडाराज

Mon, 02 Mar 2015 02:57 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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कानपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) के चुनाव में रविवार को छात्रसंघ चुनाव जैसा नजारा दिखा। एक घंटे तक शिक्षा के मंदिर डीबीएस कॉलेज में खुली गुंडई चलती रही, कट्टे लहराए जाते रहे, गालियां बकी जाती रहीं। महिलाएं-छात्राएं किसी की परवाह नहीं की गई।
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कूटा चुनाव के समय शिक्षकों के एक गुट ने हथियारबंद हमलावरों के साथ हमला बोलकर कूटा अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह और महामंत्री डॉ. देवेंद्र अवस्थी को लात-घूसों, डंडों और कट्टे की बट से पीटा। जमकर तोड़फोड़ की। हमलावरों ने वोट डालने बाहर से आए शिक्षक प्रतिनिधियों को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

कुर्सी-मेजें तोड़ डालीं। जो भी बचाने आया, उसे पीटा गया। कई प्रोफेसरों, डॉक्टरों को लात-घूंसों से पिट कर अपमानित होना पड़ा।

कूटा अध्यक्ष और महामंत्री ने उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के महामंत्री और बीएनडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विवेक द्विवेदी, कूटा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. बीडी पांडेय आदि को नामजद करते हुए उनके खिलाफ गोविंद नगर थाने में गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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50 अज्ञात को भी मारपीट का आरोपी बनाया गया है। साथ ही तीन दिन के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

कहा है कि ऐसा नहीं हुआ तो यूनिवर्सिटी की रेग्युलर परीक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा। यही नहीं कार्यकारिणी की आपात मीटिंग करके डॉ. विवेक द्विवेदी और डॉ. बीडी पांडेय को कूटा से निष्कासित करने का ऐलान किया गया है। कूटा अध्यक्ष ने कहा कि हमले के जिम्मेदार डॉ. विवेक द्विवेदी और डॉ. बीडी पांडेय हैं।

कूटा काउंसिल की मीटिंग और चुनाव रविवार को डीबीएस कॉलेज में होना था। इसकी सूचना पाकर पीपीएन, डीएवी, जुहारी देवी, भवंस मेहता, वीएसएसडी, अकबरपुर डिग्री कॉलेज और बीएनडी कॉलेज के तमाम शिक्षक डीबीएस कॉलेज पहुंच गए, जो चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर चुके थे।

इन सबकी अगुवाई डॉ. विवेक द्विवेदी और डॉ. बीडी पांडेय ने की। इन लोगों ने गलत ढंग से चुनाव कराने का आरोप लगाया तो कूटा अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह से बहस हो गई। देखते ही देखते कूटा अध्यक्ष पर हमला बोल दिया गया। लात, घूंसे, बेल्ट, डंडों से उन्हें जमीन पर गिरा कर मारा गया।

महामंत्री डॉ. देवेंद्र अवस्थी को भी पीटा गया। बीच-बचाव करने पहुंचे डीसी लॉ कॉलेज के निर्मल मिश्रा, डीबीएस कॉलेज के डॉ. बाबू चंदेल, जुलोजी के एचओडी डॉ. बीएस चंदेल, डॉ. श्याम जी श्रीवास्तव, डॉ. विजय खरे, डॉ. एसपी सिंह, बर्सर सुनील श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों को भी पीटा गया।

हमलावरों ने महिला शिक्षिकाओं को भी नहीं बख्शा। अभद्रता करते हुए उनकोे भी वहां से भगा दिया। चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने आए कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, कन्नौज सहित 15 जिलों के शिक्षक प्रतिनिधियों को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।

यह बवाल करीब दो घंटे तक चलता रहा लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान डीबीएस कॉलेज में भी खूब तोड़फोड़ की गई। जहां काउंसिल की मीटिंग और चुनाव कराया जाना था, वहां रखे फर्नीचर तोड़ डाले गए। बाद में पुलिस पहुंची लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे।

इन पदाधिकारियों ने सरकारी अस्पताल में मेडिकल भी कराया। गोविंद नगर पुलिस ने डॉ. विवेक द्विवेदी, डॉ. कपिल बाजपेई, देवेश कटियार सहित उनके पचास साथियों के खिलाफ बलवा, सेवन सीएलए, तोड़फोड़, सरकारी काम में बाधा, जान से मारने की धमकी सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।       

डॉ. विवेक द्विवेदी और डॉ. बीडी पांडेय गुंडे लेकर आए थे। सबके हाथ में असलहे थे। डॉ. विवेक फुपुक्टा के महामंत्री हैं, फिर भी कूटा चुनाव में हस्तक्षेप कर रहे हैं। कूटा कार्यकारिणी की मीटिंग करके दोनों की कूटा सदस्यता खत्म कर दी गई है। अब इनका संगठन से कोई लेना देना नहीं है।                       

- डॉ. आरके सिंह, अध्यक्ष, कूटा

कूटा के संयुक्त सचिव डॉ. नवनीत मिश्रा, पीपीएन के डॉ. देवेश कटियार चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने डीबीएस कॉलेज गए थे। वहां कूटा अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह और उनके साथियों ने इन लोगों से मारपीट की।  डॉ. देवेश कटियार की सोने की चेन छीन ली। वह कूटा का चुनाव असंवैधानिक ढंग से करा रहे थे। इसी का शिक्षकों ने विरोध किया लेकिन वह मारपीट पर उतारू हो गए। मेरे ऊपर मारपीट का आरोप निराधार है।

- डॉ. विवेक द्विवेदी, महामंत्री फुपुक्टा

डीबीएस कालेज में कूटा के चुनाव की सूचना गोविंद नगर थाने या किसी पुलिस एवं प्रशासनिक अफसर को नहीं दी गई थी। इसलिए सुरक्षा के इंतजाम नहीं हुए थे। बवाल की सूचना पर गोविंद नगर सीओ ओपी सिंह और एसओ विनोद मिश्र फोर्स के साथ मौके पर गए थे। स्थिति को संभाला था। पुलिस की मौजूदगी में मारपीट और बवाल होने का सवाल ही नहीं है।
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-शलभ माथुर, एसएसपी
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