कानपुर देहात। अकबरपुर नगर निकाय एमआरएफ सेंटर (कचरा निस्तारण केंद्र) में किचन वेस्ट से जैविक खाद तैयार करा रहा है। नगर की सफाई से निकले किचन वेस्ट से पहले एक साल में 16 क्विंटल से अधिक जैविक खाद तैयार की गई है। अब तक लगभग 50 हजार रुपये की खाद खेप तैयार की गई है।
नगर की साफ सफाई के बाद किचन वेस्ट, मंदिरों की सफाई से निकलने वाले चढ़ाए गए फूल आदि और साप्ताहिक सब्जी बाजार से फेंकी गई सब्जियां आदि के निस्तारण की समस्या थी। बीते साल किचन वेस्ट से जैविक खाद बनाने की पहल हुई। 23 जून 2025 को परिवहन मंत्री दयाशंकर के हाथों नगर निकाय ने बनाई जैविक खाद हरित संजीवनी को लांच किया था। इसके बाद गीला व सूखा कूड़ा घर-घर संग्रह करने की मुहिम जारी रही। इसका फायदा यह हुआ की किचन वेस्ट निस्तारण की समस्या हल हो गई और अकबरपुर नगर निकाय की आमदनी होने लगी।
किचन वेस्ट, बाजार में फेंकी गई हरी सब्जियों व मंदिरों की सफाई के निकले फूलाें से जैविक खाद तैयार की जा रही है। हरित संजीवनी जैविक खाद आधा किलो, एक किलो व पांच किलो के पैकेट में उपलब्ध है। एमआरएफ केयरटेकर शरद गुप्ता ने बताया कि अब तक छह क्विंटल खाद बेचकर करीब 18 हजार रुपये की कमाई की गई है। जबकि नगर में कराए गए पौधरोपण स्थलों पर लगभग छह क्विंटल जैविक खाद प्रयोग की जा चुकी है। करीब चार क्विंटल खाद और तैयार है। इसकी पैकिंग कराई जा रही है।
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बयान.....
घरों से निकले किचन वेस्ट, बाजार में फेंकी गई हरी सब्जियों व मंदिरों की सफाई के निकले फूलाें को इकट्ठा कर एमआरएफ सेंटर में बिजली चालित मशीन के जरिये जैविक खाद तैयार की जा रही है। खाद बनाने से पहले कचरा सुखाया जाता है। यह जैविक खाद बहुत अच्छा परिणाम दे रही है। नगर निकाय की आमदनी भी बढ़ रही है और कचरा निस्तारण भी हो रहा है। हरियाली बढ़ाने में इस जैविक खाद का प्रयोग भी किया जा रहा है। - आशीष कुमार, ईओ अकबरपुर