कानपुर। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की 73 सड़कों की समीक्षा में जल निगम और मेट्रो को सौंपी गईं नौ सड़कों की बदहाली सामने आई। पाइपलाइन बिछाने और मेट्रो निर्माण के लिए खोदाई के बाद मरम्मत नहीं होने से गड्ढे और खुले चैंबर हादसों का खतरा बने हैं। 23 सितंबर को पीडब्ल्यूडी कानपुर क्षेत्र के मुख्य अभियंता रविदत्त कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़कों को एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद इन प्रमुख मार्गों की मरम्मत अधूरी है। खुदाई के बाद मरम्मत नहीं होने से वाहन सवारों को धूल, जाम और खराब रास्तों से जूझना पड़ रहा है।
इन नौ सड़कों के हाल खराब
कंपनी बाग से रावतपुर : इस मार्ग पर मेट्रो के साथ जल निगम की पाइपलाइन डालने का काम भी चल रहा है। करीब डेढ़ साल से सड़क बदहाल है। दो बार पाइपलाइन फट चुकी है।
रतनलालनगर, झांसी रेलवे लाइन से शास्त्री चौक, सचान गेस्ट हाउस तक : दो साल में कई बार सड़क खोदी जा चुकी है। पहले पुरानी पेयजल लाइन बदलने के लिए खुदाई हुई, अब जगह-जगह पाइपलाइन में लीकेज के कारण काम चल रहा है।
विजयनगर चौराहे से डबल पुलिया, नमक फैक्टरी और रावतपुर क्रॉसिंग तक : मार्ग करीब दो साल से बदहाल है। पिछले एक साल में स्थिति और बिगड़ी है। विजयनगर से दादानगर पुल तक एक तरफ मेट्रो ने सड़क बनवा दी है, लेकिन दूसरी तरफ गिट्टी बिछी हुई है।
पनेशिया से डबल पुलिया तक: यहां मेट्रो का काम चल रहा है। इसके साथ ही जल निगम ने पाइपलाइन डालने के लिए आधी सड़क खोद रखी है। करीब दो साल से इस मार्ग से गुजरने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चुन्नीगंज से राजीव पेट्रोल पंप तक : जल निगम करीब एक साल से यहां काम करा रहा है। पाइपलाइन बिछाने के बाद अब उसे जोड़ने का काम चल रहा है। सड़क पर गहरे गड्ढे हैं और दिनभर धूल उड़ती रहती है।
मकराबटगंज मार्ग : करीब एक साल पहले जल निगम ने सीसी सड़क की कटिंग कराई थी। इसके बाद मरम्मत नहीं होने से सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई है। वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ता है।
डबल पुलिया से शास्त्री नगर सेंट्रल पार्क तक : मेट्रो ने निर्माण के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही के लिए डायवर्जन लिया गया था। इससे करीब डेढ़ साल में सड़क की हालत खराब हो गई। इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी मेट्रो की है।
शास्त्री चौक, बर्रा-8 से सीटीआई रोड : इस मार्ग पर मेट्रो का काम होना है। करीब दो साल से सड़क की हालत खराब है। गड्ढों में वाहन फंसने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
ट्रांसपोर्टनगर से नौबस्ता बाईपास तक : मेट्रो के करीब दो साल से चल रहे निर्माण कार्य के कारण पूरा मार्ग प्रभावित है। कहीं गिट्टी बिखरी है तो कहीं पानी भरा रहता है। आवागमन में परेशानी हो रही है।
जल निगम के चार काम अधूरे, मरम्मत का इंतजार
जल निगम (नगरीय) के सीवर से जुड़े 16 कार्यों में चार अधूरे हैं, जबकि पेयजल के 12 कार्यों में नौ पूरे हो चुके हैं। चुन्नीगंज से राजीव पेट्रोल पंप तक सड़क की मरम्मत के लिए जल निगम ने एक सप्ताह का समय मांगा है। वहीं, मकराबटगंज ढाल पर सीसी सड़क की कटिंग के बाद भी मरम्मत नहीं हुई है।
वर्जन
बारिश की वजह से पैचवर्क और सड़क बनाने का काम रोकना पड़ा था। जिन सड़कों पर मेट्रो का काम हो रहा है, उन्हें भी बनवाया जाना है। अब दोबारा काम शुरू करा दिया गया है। - पंचानन मिश्र, पीआरओ, यूपीएमआरसी
जहां-जहां काम पूरा हो गया है, वहां सड़कें बना दी गई हैं। कुछ जगह पैचवर्क और अन्य कार्य बाकी हैं। इन्हें भी इस माह के आखिर तक पूरा कर दिया जाएगा। - प्रवीण कुमार, सहायक अभियंता, जल निगम