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20 दिन से बंद कानपुर के जाजमऊ की 250 टेनरियों को सशर्त खोलने का आदेश

Sun, 09 Dec 2018 01:52 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- अगले आदेश तक पहले के मुकाबले 50 प्रतिशत ही उत्पादन कर सकेंगी टेनरियां
- सीईटीपी पर जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद जारी हुआ आदेश
- 14, 15 को यूपीपीसीबी की टीम करेगी फिर टेनरियों की जांच
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विस्तार
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पिछले 20 दिन से बंद कानपुर के जाजमऊ की 250 टेनरियों को खोलने का आदेश शनिवार को जारी हो गया। शासन ने टेनरियों को सशर्त खोलने की अनुमति दी है। इसके तहत टेनरियाें को अग्रिम आदेशों तक 50 प्रतिशत ही उत्पादन करना होगा। किसी भी टेनरी से कचरा, गंदा पानी गंगा में नहीं बहाया जाएगा।
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प्रदूषित पानी को पाइप के माध्यम से सीधे ट्रीटमेंट प्लांट भेजना होगा। यहां से पानी शोधित होने के बाद सिंचाई के लिए भेजा जाएगा। बंदी खोलने के आदेश की कॉपी सभी टेनरियों को सोमवार तक पहुंच जाएगी।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी टीयू खान की तरफ से 1200 पेज का आदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जनवरी में इलाहाबाद में शुरू होने वाले कुंभ को देखते हुए टेनरियों को शर्तों में बांधा गया है।
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इन शर्तों पर यदि टेनरियां खरी नहीं उतरीं तो फिर से बंद करा दिया जाएगा। 14 और 15 दिसंबर को टेनरियों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) से एक टीम यहां आएगी।

बोर्ड के आदेश के मुताबिक 50 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादन करने वाली टेनरियों को खुद ब खुद बंद माना जाएगा। आदेश न मानने वाली टेनरियों को बंद कराने के साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा।

16 नवंबर को जाजमऊ में स्थापित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) के मरम्मत कार्य की वजह से टेनरियों को बंद करा दिया गया था। मरम्मत पूरी होने के बाद जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत की शुक्रवार को भेजी गई रिपोर्ट पर बोर्ड ने बंदी खोलने का आदेश जारी किया है। 
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सुबह ही लखनऊ पहुंच गए थे टेनरी संचालक
जिलाधिकारी की रिपोर्ट शासन के पास पहुंचने के बाद शनिवार सुबह टेनरी संचालक लखनऊ पहुंच गए थे। इस दौरान इन लोगों ने बोर्ड के अधिकारियों से मुलाकात की। बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी आशीष तिवारी ने टेनरी संचालकों को इस दौरान कई दिशा निर्देश दिए। गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने की जिम्मेदारी भी टेनरी संचालकों को दी।

उन्होंने कहा कि यदि टेनरी संचालक गंगा में प्रदूषित कचरा बहाने से बाज नहीं आते हैं, तो आगे लंबे समय के लिए टेनरियां बंद की जा सकती हैं। लखनऊ जाने वाले लोगों में स्माल टेनर्स एसोसिएशन के डॉ. फिरोज आलम, रिजवान नादरी सहित कई अन्य टेनरी संचालक शामिल हैं।

20 दिन में पांच हजार करोड़ की चपत
टेनरियों की 20 दिनों की बंदी में करीब पांच हजार करोड़ के कारोबार पर असर पड़ा है। करीब एक लाख कर्मचारी इस बंदी से परेशान हुए हैं। टेनरी संचालकों का कहना है कि उनके काफी संख्या में मिले बाहर के आर्डर भी दूसरी जगह चले गए। इसी तरह टेनरियों के अंदर रखा कच्चा चमड़ा भी सिकुड़कर खराब हो गया है। 
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