एडीएम की अध्यक्षता में बनी हाई-प्रोफाइल टीम
जारी सरकारी आदेश के अनुसार, अपर जिलाधिकारी प्रेमचंद्र मौर्य को इस जांच समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। समिति में विशेषज्ञता और सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखते हुए दो अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों को भी जोड़ा गया है:
हर पहलू पर होगी पैनी नजर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच केवल सतही नहीं होनी चाहिए। समिति को विवाद की जड़, मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की भूमिका, और मेडिकल कॉलेज की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण करने को कहा गया है। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को चिह्नित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अनुशासन और सुरक्षा सर्वोपरि: डीएम
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण और मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने समिति को निर्देश दिए हैं कि जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपी जाए, ताकि तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।