कानपुर समेत देशभर की डायरेक्टर जनरल क्वालिटी एश्योरेंस (डीजीक्यूए) की यूनिटों में 25 फीसदी स्टाफ कटौती के प्रस्ताव का तीनों प्रतिरक्षा संगठनों ने विरोध जताया है। रक्षामंत्री को पत्र भेजकर प्रस्ताव वापस लेने और खाली पदों पर भर्ती की मांग की है।
शहर में अलग-अलग निर्माणियों में मिलाकर 10 यूनिट हैं। यहां 600 कर्मचारी-अफसर कार्यरत हैं। प्रतिरक्षा संस्थानों में स्टाफ कटौती के संबंध में सितंबर 2020 में नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (एनपीसी) के अधिकारियों ने दौरा किया था।
एनपीसी ने पांच जनवरी को रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंपी थी। इसमें कानपुर के कंट्रोलरेट ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस मैटीरियल, सामान्य वस्तु, आईजीएस, टेक्सटाइल एंड क्लोथिंग, आयुध निर्माणी कानपुर, स्माल आर्म्स फैक्ट्री, फील्ड गन आदि फैक्ट्रियों में स्थित डीजीक्यूए में 25 फीसदी स्टाफ कटौती का प्रस्ताव दिया था।
इसके विरोध में ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लाइज फेडरेशन, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ, इंडियन नेशनल डिफेंस वर्कर्स फेडरेशन ने प्रस्ताव का विरोध किया है। फेडरेशन के ऑल इंडिया अध्यक्ष एसएन पाठक व महासचिव सीश्री कुमार ने रक्षा मंत्रालय को पत्र भेजा है।
निगमीकरण और निजीकरण वापस हो
भारतीय मजदूर संघ की कार्य समिति की बैठक रविवार को नवीन मार्केट स्थित कार्यालय में हुई। इसमें रक्षा-प्रतिरक्षा प्रतिष्ठानों व रेलवे के निजीकरण, निगमीकरण करने की प्रक्रिया का विरोध जताया। कहा गया कि इन प्रस्तावों के वापस न होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा देने, प्रवासी श्रमिकों के लिए आयोग की गतिविधियां तेज कराने, लाल इमली के कर्मचारियों को वेतन दिलाने की मांग उठाई। इस मौके पर बी सुरेंद्रन, अनुपम, श्रीकांत अवस्थी, राधेकृष्ण त्रिपाठी, डॉ. धीरेंद्र श्रीवास्तव आदि थे।