कोरोना काल में हर किसी के सामने समस्या आई। कई की नौकरी गई तो कई लोगों का व्यापार ठप हो गया। लेकिन संकट के इस समय भी कई लोगों ने नए रास्ते खोजे और खुद अपनी जिंदगी को पटरी पर ले आए। कानपुर के शिवम राजपूत, दीपक गुप्ता, याकूब हमराज जैसे लोगों ने आपदा के समय को अवसर में बदला और दूसरों के लिए मिसाल पेश की। काम बदला और तरक्की की नई इबारत लिख दी।
बनाते थे बिलिंग सॉफ्टवेयर, अब खुद की कंपनी
स्वरूप नगर में रहने वाले शिवम राजपूत ने 2014 में अपने बड़े भाई पवन राजपूत की तरह बीटेक किया था। दोनों अलग-अलग स्टोरों के लिए बिलिंग के सॉफ्टवेयर बनाते थे। लॉकडाउन में मॉल, स्टोर बंद हुए तो इनके सामने भी समस्या खड़ी हो गई।
फिर इन्होंने लोहा का कारोबार करने वाले मित्र आयुष द्विवेदी के साथ मिलकर घर-घर खाने-पीने के सामान की डिलीवरी शुरू कर दी। काम बढ़ा तो स्टे होम इंडिया नाम से पोर्टल बनाकर ऑनलाइन सामान डिलीवरी का काम शुरू किया।
30 हजार की पूंजी से काम शुरू किया था। आज इनके पास 500 ग्राहक हैं। टर्नओवर 45 लाख प्रति महीने तक पहुंच गया है। एनजीओ के साथ मिलकर उनकी कंपनी उन्नाव, आगरा तक ऑनलाइन डिलीवरी का काम करती है।