सचान ने आठ अगस्त को न्यायालय में समर्पण कर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें सजा सुना दी थी। न्यायालय ने सजा सुनाने के लिए नई फाइल भी तैयार कर ली थी और सचान के न्यायिक अभिरक्षा से फरार हो जाने के मामले में कोर्ट के रीडर के माध्यम से पुलिस को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए कहा था।
बता दें कि मामले में सजा सुनाए जाने से पहले राकेश सचान का गैर जमानती वारंट भी निरस्त कर दिया गया था। न्यायालय ने तो अपना काम पूरा कर दिया। अपील में मंत्री राकेश सचान को सेशन कोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद से विरोधी बेहद परेशान है।
उनके खिलाफ फरारी मामले में रिपोर्ट दर्ज कराकर उनके लिए बड़ी मुसीबत खड़ी करना चाह रहे हैं और इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर लाभ लेने की जुगत में लगे हैं। वहीं घटना के 10 दिन बाद भी पुलिस अफसर जांच जारी रहने की बात कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।