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ब्लैक फंगस की पहचान के लिए चलाई जाएगी ओपीडी

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कानपुर देहात। आसपास के जिलों में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की पहचान के लिए ओपीडी चालू की जा रही है। इसकी तैयारी के लिए विभाग जुट गया है। विशेषज्ञ चिकित्सक ओपीडी में मरीजों को देखेंगे।
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अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने जिला अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों की पहचान के लिए ओपीडी चालू करने के निर्देश दिए हैं। मरीजों की पहचान के बाद उन्हें उचित उपचार मुहैया कराया जाएगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है।
सबसे पहले सीएमओ डॉ. राजेश कटियार ने मेडिकल कॉर्पोरेशन से ऐफोटेरेसिन इंजेक्शन मांगे हैं। जिला अस्पताल में ब्लैक फंगस की पहचान के लिए ओपीडी सुबह दस से 12 बजे तक चलाई जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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आंख के बाहर आने व पलक गिरने पर डॉक्टर से करें संपर्क
कानपुर देहात। रसूलाबाद सीएचसी में तैनात नेत्र चिकित्सक डॉ. अमित सक्सेना ने बताया कि ब्लैक फंगस बीमारी के प्रारंभिक लक्षण आंखों में खुजली होना, लालपन और आंख का बाहर की तरफ निकलना, ज्यादा आंसू आना, ऊपर की पलक का गिर जाना है।
इसके अलावा बार-बार छींकें आना, नाक में खुजली होना के साथ पानी निकलना भी ब्लैक फंगस के लक्षण हैं। प्रारंभिक लक्षण के दौरान लापरवाही होने पर सांस लेने में दिक्कत के साथ नाक जकड़ जाती है।
ब्लैक फंगस को ऐसे पहचाने
कानपुर देहात। अकबरपुर सीएचसी के फिजीसियन डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक लक्षण के बाद आंख के अंदरूनी किनारे पर पहले सफेद पैच दिखता है। कुछ दिन बाद सफेद पैच काला होने लगाता है। साथ ही छींक आने के बाद काले धब्बे खून के साथ निकलते हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह न लें कोई भी दवा
कानपुर देहात। किसी कारणवश रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर ब्लैक फंगस हो सकता है। नेत्र चिकित्सक डॉ. अमित सक्सेना ने बताया कि किसी भी लक्षण के होने पर बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी ड्रॉप आंख में न डालें, दवा न खाएं। इससे मरीज की समस्या और बढ़ सकती है। कई बार देखा जा रहा है कि लोग बिना डॉक्टर की सलाह पर कई दवा का प्रयोग कर रहे हैं।
जिले में तीन नेत्र चिकित्सक व दो ईएनटी विशेषज्ञ
कानपुर देहात। जिले में डॉ. रियाज मिर्जा, डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. मालिनी बोहरा नेत्र चिकित्सक हैं तथा डॉ. आरके चौबे, डॉ. मनोज कुमार ईएनटी विशेषज्ञ हैं। सीएमओ डॉ. राजेश कटियार ने बताया कि ब्लैक फंगस की ओपीडी के लिए तैयारियां की जा रही है। जिले के इन डॉक्टरों को रोस्टर के हिसाब से जिला अस्पताल में चलने वाली ओपीडी में तैनात किया जाएगा।
ब्लैक फंगस के बढ़त प्रसार को देखते हुए जल्द ओपीडी चालू होगी। इसके लिए ईएमटी की ड्यूटी लगाई जाएगी। अनुपस्थित कर्मियों की जानकारी मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजेश कटियार, सीएमओ
अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी होगी कोविड जांच
कानपुर देहात। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी कोविड जांच की जाएगी। इसके लिए सीएमओ को एंटीजन टेस्टिंग की सुविधा बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कोविड नियमों का पालन करते हुए ओपीडी चालू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिक अस्पतालों में तैनात एमबीबीएस डॉक्टर की ड्यूटी अगर कहीं और लगाई गई है, तो ऐसी जगहों पर आयुष डॉक्टरों से सेवा ली जाएगी। इससे ग्रामीणों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सके। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सेवाओं को बेहतर करने के लिए कोविड कंट्रोल सेंटर में तैनात डॉक्टरों को भी लगाया जा सकता है। उनकी जगह पर अन्य विभाग के अफसरों से सेवा लेने के निर्देश जारी हुए हैं।
स्टेप डाउन वार्ड किया जाएगा स्थापित
कानपुर देहात। अकबरपुर व नबीपुर के केंद्रीय विद्यालय के कोविड अस्पतालों में स्टेप डाउन वार्ड को स्थापित किया जाएगा। यहां भर्ती मरीज की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी कोई स्वास्थ्य समस्या होने पर उसे स्टेप डाउन वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जाएगा। मरीज के पूरी तरह से स्वास्थ्य होने के बाद ही उसे डिस्चार्ज किया जाएगा।
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