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13 अस्पतालों में सिर्फ दो स्त्रीरोग विशेषज्ञ

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कानपुर देहात। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए शासन प्रशासन की ओर से जहां संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर रहता है वहीं जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थित सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सकों का कमी बनी हुई है।
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हालत यह हैं कि जिले की 10 सीएचसी व तीन ब्लॉक पीएचसी में सिर्फ दो स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। 11 चिकित्सालयों में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। इससे इन सीएचसी व पीएचसी में प्रसव स्टाफ नर्स व दाई के भरोसा हो रहा है। कई दफा प्रसव के दौरान हालत बिगड़ने के बाद प्रसूता को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए शासन व जिला प्रशासन महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने की सलाह देता है। दावा किया जाता है कि सरकारी अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की देखरेख में प्रसव कराया जाएगा। वहीं जिले में हालात खराब हैं। पुखरायां, झींझक सीएचसी में ही स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती है।
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रसूलाबाद में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ का कांट्रेक्ट खत्म होने के बाद यहां भी दोबारा चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी। इससे जिले की 10 सीएचसी व तीन ब्लॉक पीएचसी में सिर्फ दो स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। वहीं 11 चिकित्सालयों में स्टाफ नर्स व दाई के भरोसे प्रसव कराया जा रहा है। कई बार क्षेत्र के लोगों ने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति किए जाने की मांग की, लेकिन जिले में डॉक्टरों की कमी के चलते उनकी तैनाती नहीं हो सकी।
प्रशिक्षण के बाद महिला डॉक्टर का तबादला
कानपुर देहात। जिले में मैटरनिटी विंग चालू करने से पहले महिला डॉक्टर को प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद मैटरनिटी विंग में तैनात होने से पहले महिला डॉक्टर ने कानपुर नगर में स्थानांतरण करा लिया। इसके बाद समस्या जस की तस बनी हुई है।
21 महिला डॉक्टर, पर नहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ
कानपुर देहात। जिले की दस सीएचसी व तीन ब्लॉक पीएचसी में करीब 82 डॉक्टरों की तैनाती है। इसमें 21 महिला डॉक्टर भी हैं, पर कोई भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। इन 21 महिला डॉक्टरों की अलग-अलग अस्पतालों में तैनाती न होकर चार से छह चिकित्सालयों में ड्यूटी लगी है। इससे समस्या और भी बढ़ जाती है। एक समस्या यह भी है कि महिला डॉक्टर रात में नहीं रुकना चाहती है। अधिकांश अस्पतालों में महिला डॉक्टर रात में ड्यूटी नहीं करती हैं।
प्रसव कम, स्त्री रोग विशेषज्ञ ज्यादा
कानपुर देहात। अकबरपुर के मैटरनिटी विंग में सामान्य दिनों की बात की जाए तो रोजाना दस से 11 प्रसव होते हैं। कोरोना कॉल में फिलहाल पांच से छह प्रसव हो रहे हैं, जबकि अस्पताल में सात स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। वहीं यहां कुल 13 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।
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स्त्री रोग विशेषज्ञ की जिले में कमी है। कई बार शासन को पत्र लिखा जा चुका है, साथ ही विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।
- डॉ. एपी वर्मा, डिप्टी सीएमओ
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