विकलांग कल्याण विभाग की ओर से छात्रवृत्ति के लिए अब तक मात्र 8 आवेदन ही
जमा हुए हैं। वहीं हाईस्कूल, इंटर और स्नातक स्तर के आवेदन कालेजों व
महाविद्यालयों से प्राप्त नहीं हुए हैं।
बताते चलें कि विकलांग
सशक्तीकरण विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से पूर्व दशम
एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए विकलांग जन विकास विभाग से यह योजना पहली
बार शुरू की गई है।
विकलांग छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक पात्रता की शर्तें
पूरी करने के उपरांत ही विकलांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जानी है।
कक्षा 9 व 10 छात्रवृत्ति के लिए छात्र-छात्रा को 40 प्रतिशत से अधिक
निशक्त होना चाहिए।
छात्रवृत्ति में एक अभिभावक के दो से अधिक विकलांग
अभ्यर्थी को लाभ नहीं दिए जाने का प्रविधान है। यह छात्रवृत्ति केवल एक
शैक्षणिक वर्ष के लिए देय। छात्रवृत्ति पात्रता के लिए विकलांग बच्चों को
किसी भी शासकीय, केंद्र अथवा राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त विद्यालयों
में अध्ययनरत होना चाहिए।
कक्षा 11 से ऊपर की छात्रवृत्ति के लिए प्रशिक्षण
से संबंधित पाठ्यक्रम के लिए यह छात्रवृत्ति मान्य नहीं की गई है।
छात्रवृत्ति के लिए परास्नातक डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट धारक छात्रों
को लाभ नहीं दिया जाएगा।
विकलांग छात्रवृत्ति के आवेदन जमा करने की
अंतिम तिथि 4 फरवरी निर्धारित की गई थी। जिसके क्रम मेें अंतिम तिथि तक
मात्र 8 आवेदकों ने ही छात्रवृत्ति योजना के लिए जमा हुए हैं।