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प्रताडना की शिकार महिलाओं के लिए बनने लगा वन स्टॉप सेंटर

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जिला अस्पताल परिसर में वन स्टॉप सेंटर के निर्माण में लगे मजदूर। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। हिंसा की शिकार महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी जानकारी और काउंसलिंग की सुविधा मुहैया हो सकेगी। उन्हें अस्थाई रूप से रहने की भी सुविधा भी मिलेगी। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से टेंडर होने के बाद जिला चिकित्सालय में वन स्टॉप सेंटर का शनिवार से निर्माण कार्य शुरू हो गया है। केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने भवन निर्माण लागत 48.69 लाख रुपये के सापेक्ष आधी धनराशि पहले ही जारी कर दी थी।
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भारत सरकार के निर्देश पर जिले में खुलने वाले वन स्टॉप सेंटर में सभी तरह की हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को अस्थायी रूप से रुकने की सुविधा दी जाएगी। उन्हें सहारे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पिछले साल के जून माह में केंद्र सरकार की ओर से जिलाधिकारी के खाते में आधी 24.34 लाख रुपये की धनराशि भेज दी गई थी। गाइड लाइन के अनुसार डिजाइन भी तैयार करा लिया गया था, लेकिन टेंडर में देरी के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से पिछले दिनों टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके बाद शनिवार से ठेकेदार ने जिला अस्पताल परिसर में वन स्टाप सेंटर निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। ठेकेदार विनोद मिश्रा ने बताया कि कार्य को निर्धारित छह माह के अंदर पूरा करा लिया जाएगा।
वन स्टॉप सेंटर खोलने का उद्देश्य हिंसा से पीड़ित महिलाओं व 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को एक ही छत के नीचे एकीकृत रूप से सहायता एवं सहयोग प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में फिर से वापस लाना है। पीड़िताओं को चिकित्सा व मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध करा कर उन्हें सशक्त बनाया जाएगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि सरकार की मंशा के मुताबिक एक ही छत के नीचे घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न सिर्फ शरण मिलेगी, बल्कि मेडिकल, परामर्श व कानूनी सहायता उपलब्ध होगी। साथ ही आवास, भोजन, कपड़ा समेत अन्य व्यवस्थाएं मुहैया कराई जाएंगी। यहां पुलिस बल की तैनाती भी रहेगी।
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