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महोबा: 1 किसान की सदमे से जान गई तो दूसरे ने लगाई फांसी

Sat, 20 Oct 2018 07:05 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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उत्तर प्रदेश के जनपद महोबा में दो अलग-अलग घटनाओं में एक किसान की सदमे से मौत हो गई, जबकि दूसरे किसान ने खेत में बबूल के पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
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कोतवाली क्षेत्र के गांव घुटवई निवासी बच्चा सिंह के पास तकरीबन तीन बीघे जमीन है। उसने इलाहाबाद बैंक से 80 हजार रुपया कर्ज लिया था। चार वर्ष से सूखे की वजह से पैदावार अच्छी न होने से वह कर्ज की अदायगी को लेकर परेशान रहता था। परिजनों से भी कई बार कर्ज अदा न होने पर चिंता जताई थी। शुक्रवार को वह घर पर बैठा था, तभी सदमा लगने से गिर गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। एसडीएम (सदर) राजेश कुमार का कहना है कि लेखपाल और कानूनगो को जांच के लिए गांव भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।

दूसरी घटना कोतवाली चरखारी के गांव गौरहारी में हुई। गांव निवासी प्रताप नारायण (40) पुत्र कढ़ोरी लाल कुशवाहा बटाई पर छह बीघा जमीन लिए था। इस जमीन पर मूंगफली, उर्द व मूंग की फसल की बोई थी। इस वर्ष बरसात न होने से उसकी उर्द व मूंग की फसल बर्बाद हो गई। कुछ फसल अन्ना जानवर चट कर गए। इससे दुखी होकर उसने खेत की मेड़ पर लगे बबूल के पेड़ से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
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सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रताप नारायण के एक पुत्री प्रियंका और दो पुत्र रामकरन और देवेंद्र हैं। परिजनों ने बताया कि तीन दिन पहले प्रताप नारायण ने अपनी बेटी प्रियंका की सगाई की थी। उपजिलाधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रताप नारायण के पास एक भी बीघा जमीन नहीं थी। उसने किस कारण से आत्महत्या की है, इसका पता कराया जा रहा है।
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