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Kanpur News: प्राचार्य साहब किस अधिकार से रखे बाहरी व्यक्ति, जांच में ही साफ होगी स्थिति

Sun, 25 May 2025 01:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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दिशा की बैठक में मौजूद सांसद देवेंद्र सिंह भोले, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, जिलाधिकारी आलोक सि - फोटो : संवाद
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कानपुर देहात। कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को हुई जिला विकास समन्वय और निगरानी समित (दिशा) की बैठक हुई। बैठक में मेडिकल कॉलेज में ऑउट सोर्स पर हुई भर्ती, आंगनबाड़ी भर्ती, जिले में हो रहे खनन, अवैध तरह से बालू डंप, ग्राम समाज की जमीनों पर कब्जे के मुद्दे छाए रहे। मेडिकल काॅलेज मामले में प्राचार्य गोलमोल जवाब देते रहे। इस पर नाराजगी जताते हुए सांसद ने कहा पूरे प्रकरण की जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। उन्होंने बैठक में आए मामलों में कड़ी कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए।
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अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने सात मार्च को हुई बैठक की समीक्षा करते हुए प्रगति जानी। बैठक पर बिंदुवार चर्चा के बीच जनप्रतिनिधियों ने अलग-अलग विभागों में चल रही गड़बड़ी व व्याप्त अनियमितता की शिकायतें की। समिति के सदस्य प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित डेरापुर ब्लॉक के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख विवेक द्विवेदी ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर खामियां गिनाई। बताया कि डेरापुर सीएचसी में कई महीनों से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही हैं। डेंटल सर्जन उपकरण न होने के कारण आए मरीजों का ठीक से इलाज नहीं कर पाते। इस पर सांसद ने सीएमओ डॉ. एके सिंह से जानकारी चाही। सीएमओ ने शीघ्र ही अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित कराने व वहां पर डाॅक्टर की तैनाती करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने मेडिकल काॅलेज में कर्मचारी रजनीश शुक्ला के साथ हुई मारपीट का मुद्दा उठाया। जिसमें रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। वहीं मेडिकल कॉलेज में हुई भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत की गई। इस बीच बैठक से प्राचार्य सज्जन लाल वर्मा नदारद रहे। सांसद ने सीएमओ से फोन कर प्राचार्य को बुलवाया। प्राचार्य के आने पर विवेक द्विवेदी ने सांसद को बताया कि मेडिकल काॅलेज में ऑउट सोर्स पर की गई भर्ती में गड़बड़़ी की गई है। प्राचार्य ने स्वयं राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के निरीक्षण में लिख कर दिया है कि वह छह लोगों को निजी तौर पर अपने वेतन से रखे थे, जो नियम विरुद्ध है। इस पर सांसद ने प्राचार्य से पूछा कि उन्होंने किस नियम के तहत निजी तौर पर कर्मचारियों को रखा।
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इस पर प्राचार्य ने जवाब देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज की शुरुआत होने पर कर्मचारियों की कमी थी। इसलिए उन्होंने अपने निजी काम के लिए उन्हें रोज के मानदेय पर रख लिया। इसपर सांसद ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मैनें आप से भर्ती का ब्योरा मांगा था, जो आज तक आप ने नहीं दिया। इस पर प्राचार्य गोल मोल जवाब देने लगे। नाराज सांसद ने अधिकारियों से कहा कि इस मामले की जांच कराई जाए, तभी स्थिति साफ होगी। वहीं पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया ने रसूलाबाद सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े किए। कहा कि बिना वसूली के मरीज भर्ती नहीं किए जाते हैं। इस पर सीएमओ ने स्वयं जाकर स्थिति जांचने की बात कही।
यहां राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, जालौन सांसद नारायण दास अहिरवार, कन्नौज सांसद अखिलेश यादव के प्रतिनिधि शिवकुमार बेरिया, जिलाधिकारी आलोक सिंह, सीडीओ लक्ष्मी, एसपी अरविंद मिश्र, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला, जितेंद्र सिंह गुड्डन समेत जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे।
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अवैध तरह से डंप हो रही बालू, अफसर अनजान
समिति के सदस्य जितेंद्र सिंह गुड्डन ने जिम्मेदारों की मिली भगत से अवैध खनन होने की शिकायत की। आरोप लगाया कि अकबरपुर के कुंभी के पास मनमाने ढंग से ग्राम समाज की जमीन पर खनन हो रहा है। तिंगाई के पास बालू डंप की जा रही है। वहीं सदस्य फूल सिंह ने खरका घाट से बालू निकाल मनमाने ढंग से नियम विरुद्ध तरीके से डंप करने की शिकायत की।
इस पर सांसद ने डंप स्थल के अनुमति के बारे में जानकारी ली। खनन अधिकारी ने जिले के 11 स्थानों पर डंपिंग स्थल होने की जानकारी दी। सदस्यों ने बताया कि मानक से अधिक डंप बालू तेज हवा चलने पर उड़ती है। राहगीर परेशान होते हैं। पिछले दिनों आई आंधी से बालू घरों व खेताें तक पहुंच गई। जिससे किसान परेशान है। वहीं खरका घाट की धारा रोकने की शिकायत की गई। इस पर जालौन सांसद ने कहा कि बालू के लिए घाट किनारे की परमीशन होती है। मगर धारा रोकना अपराध है। पोकलैंड से खनन किया जा रहा है। इस पर खनन आधिकारी ने कहा कि पांच लाख का संबंधित पर जुर्माना लगाया गया है। इस पर सांसद देवेंद्र सिंह ने पूछा कि एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई। उन्होंने अवैध व नियम विरुद्ध खनन करने वालों को चिंहित कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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आंगनबाड़ी भर्ती गड़बड़ी के आरोप, जांच की मांग
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष व समिति के सदस्य राजेश तिवारी ने जिला कार्यक्रम विभाग में हाल ही में हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती मामले में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कई अभ्यर्थियाें के गलत आय प्रमाण पत्र लगाए गए हैं। इसके बाद भी बिना जांच पड़ताल किए ही भर्ती कर ली गई। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला ने डेरापुर, रसूलाबाद में कई केंद्रों पर मनमाने ढंग से भर्ती किए जाने की शिकायत की। इस पर सांसद ने जिला कार्यक्रम अधिकारी आरबी सिंह से जानकारी की। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। ई-डिस्टिक पोर्टल पर प्रमाण पत्र की जांच के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इस पर सांसद देवेंद्र सिंह ने सीडीआे लक्ष्मी एन से पूरी भर्ती प्रक्रिया के अभिलेख तलब कर जांच करने के निर्देश दिए।
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नहीं दी जा रही एनओसी, मानकाें की हो जांच
इटावा सांसद के प्रतिनिधि पवन कटियार ने अग्निशमन विभाग द्वारा अस्पताल के लिए एनओसी न दिए जाने की शिकायत की। बताया कि वह अपनी मां की स्मृति में 13 नवंबर 2018 को अस्पताल खोल था। पांच मई 2022 को शर्तों के तहत उन्हें एनओसी दी गई। यह एनओसी चार मई 2025 तक वैध थी। दोबारा एनओसी के लिए 24 अप्रैल को आवेदन किया। इसके बाद इस पर उन्हें एक हजार लीटर की टंकी रखने की बात अधिकारियों ने कही। इस पर उन्होंने दो हजार लीटर की टंकी रखवा दी। इसके बाद भी उन्हें एनओसी नहीं दी। इससे अस्पताल पंजीयन का नवीनीकरण नहीं हो सका और परेशान होकर अस्पताल बंद कर दिया। उन्होंने सीएफओ पर अभद्रता के आरोप भी लगाए। साथ ही अन्य संस्थानों को जारी एनओसी व मानकाें की जांच की मांग की। इधर सीएफओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके यहां मानक पूरे नहीं थे, इस लिए मानक पूरे करने के बाद एनओसी जारी करने के लिए कहा गया था। लगाए गए आरोप निराधार है।
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