गुरुवार को पॉलीटेक्निक में यार्ड की दीवारों पर पेंट के जरिये लिखा गया कानपुर मेट्रो
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बहुत जल्द कानपुर महानगर भी ‘मेट्रो वाला शहर’ के नाम से जाना जाएगा।
चार अक्तूबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मेट्रो यार्ड और इसकी बाउंड्रीवॉल का शिलान्यास करने के बाद मेट्रो प्रोजेक्ट गति पकड़ लेगा। 2019 में पहले चरण के अंतर्गत कल्याणपुर से मोतीझील तक मेट्रो दौड़ने लगेगी। 2021 में सभी प्रस्तावित रूटों पर मेट्रो दौड़ती नजर आएगी। यह जानकारी बृहस्पतिवार को शहर आए लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) के एमडी कुमार केशव ने दी। उन्होंने केडीए अधिकारियों के साथ पॉलिटेक्निक और पालिका स्टेडियम का निरीक्षण भी किया।
पत्रकारों से बातचीत में केशव ने बताया कि मेट्रो यार्ड बनाने की कुल लागत करीब 150 करोड़ रुपये होगी। यार्ड ढाई साल में बनकर तैयार होगा। इस दौरान मेट्रो रूट का भी काम शुरू हो जाएगा। चयनित कंपनी ने स्टेशनों की डिजाइन बनाने का काम शुरू कर दिया है। मेट्रो के कई काम एक साथ चलते रहेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अब प्रोजेक्ट को सिर्फ शहरी मंत्रालय की ओर से रेलवे की एनओसी का इंतजार है। हालांकि लखनऊ मेट्रो की तर्ज पर कानपुर में भी एनओसी लेने की प्रक्रिया काम के साथ-साथ चलती रहेगी।
तय कार्यक्रम के मुताबिक केशव के साथ सचिव (आवास) पनधारी यादव केो भी शहर आना था। हालांकि किसी कारणवश वह आ नहीं पाए। निरीक्षण के दौरान केडीए वीसी जयश्री भोज, सचिव केपी सिंह, सीएटीपी आशीष शिवपुरी आदि मौजूद रहे। बता दें मेट्रो यार्ड पॉलिटेक्निक में बनना है और पालिका स्टेडियम में शिलान्यास कार्यक्रम होगा।
मार्च में लखनऊ मेट्रो की सौगात
लखनऊ मेट्रो का काम नवंबर में पूरा हो जाएगा। एक दिसंबर से ट्रायल के तौर पर मेट्रो चलने लगेगी। करीब ढाई माह से तीन माह तक ट्रायल के बाद मार्च से जनता को मेट्रो के सफर की सौगात मिल जाएगी। सेफ्टी ट्रायल रेलवे की टीम करेगी।