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राजभर की 'एक मांग ये भी', भाजपा से आर-पार के मूड में दिखे तो माया-मुलायम को लेकर कही बड़ी बात

Tue, 16 Oct 2018 08:35 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती, ओम प्रकाश राजभर
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यूपी के हरदोई जिले में पिछड़ा कल्याण एवं दिव्यांग सशक्तीकरण मंत्री ओम प्रकाश राजभर आर-पार के मूड में दिखे। इस दौरान उन्होने भाजपा पर जमकर हमले किये। उन्होने कहा कि सरकार को आरक्षण देना होगा वरना लोकसभा चुनाव मुश्किल में पड़ेगा। उन्होने कहा कि गरीबों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के 3 लाख 18 हजार रिक्त शिक्षकों के पद आउटसोर्सिंग से भरें जाए, ऐसा प्रदेश में नया कानून बनाया जाए। जिससे न सिर्फ मात्र पांच हजार पाने वाला शिक्षकों के परिश्रम से स्कूल मॉडल बन आएंगे बल्कि 60 हजार रुपए एक शिक्षक पर खर्च कर गुणवत्तायुक्त शिक्षा का सपना देखने वाली सरकारों की निंद्रा भी टूटेगी।  रसखान प्रेक्षागृह में आयोजित अर्कवंशी राजभर सामजिक एकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजभर ने ये बातें कही। उन्होने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होने मायावती और मुलायम सिंह यादव पर भी तीखे हमले किये।
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ओम प्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि इस नए कानून से गरीबों की शिक्षा के गिरते स्तर को उठाने का काम किया जाएगा। यदि शिक्षक बेहतर करेगा तो प्रत्येक वर्ष उसका मानदेय बढ़ेगा वरना निकालकर दूसरों को मौका दिया जाएगा। पिछड़े समाज के बेटा बेटियों को प्राइमरी विद्यालयों में ही गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिलेगी। यही नहीं आज जो प्राइमरी टीचर खुद 60 हजार वेतन पाकर उस मांटेसरी स्कूल में अपने बच्चों को भेज रहा है जहां का शिक्षक मात्र पांच हजार मानदेय पा रहा है। वह भी कुछ समय बाद अपने बच्चों को प्राइमरी में दाखिला कराएगा, लेकिन इस प्रस्ताव पर 46 मंत्री एक तरफ है लेकिन वह अकेले।

उन्होंने अंर्कवंशी समाज को जागने की अपील करते हुए कहा कि 72 सालों से राजाओं में शुमार रहने वाली यह जातियां सिर्फ अशिक्षा और जागरूकता के अभाव में विलीन सी हो गई हैं। यही कारण है कि आज तक मंत्री, सांसद और विधायक तो छोड़िए जिला पंचायत अध्यक्ष तक अर्कवंशी समाज का नहीं हो सका। उन्होंने जय अर्कवंशी का नारा देकर सभी को एकजुट होने की अपील की। भाजपा के राममंदिर मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर और मस्जिद का मुद्दा छेड़ा जाता है और राजनीति की जाती है। जब भी इन मुद्दों को लेकर जंग हुई तो कोई बड़ा नेता नहीं सिर्फ गरीब मरा और वह भी पिछड़ी जातियों के अति पिछड़े समाज के लोग।

ओम प्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि 27 अक्तूबर को रमाबाई अंबेडकर मैदान में होने वाली रैली में उन्होंने अर्कवंशी, निषाद, बिंद, आरब जैसी जातियों को अति पिछड़े में शामिल कराकर लाभ दिए जाने की जंग छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को आरक्षण देना होगा वरना लोकसभा चुनाव मुश्किल में पड़ेगा। आयोजक और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुनील अर्कवंशी के जोश को देखकर उन्हे प्रदेश महामंत्री मनोनीत किया। इस दौरान सम्मेलन को राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्कवंशी समाज ओपी सिंह, राष्ट्रीय सलाहाकार युवराज एडवोकेट ने भी संबोधित किया।  

प्रत्येक जाति का हो छह-छह माह का मुख्यमंत्री  
कैबिनेट मंत्री ने प्रत्येक जाति के प्रदेश में छह-छह माह का मुख्यमंत्री बनाए जाने का नया प्रस्ताव रखा। कहा कि यदि ऐसा होता है तो जातियों में हीन भावना खत्म होगी।  

बेटे बेटियों को सिपाही व तहसीलदार बनाने का किया दावा 
कैबिनेट मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अर्कवंशी समाज में पिछड़ा वर्ग में आरक्षण दिलाकर इसी समाज के बेटे बेटियों को वह सिपाही, लेखपाल और तहसीलदार बनवाएंगे। इसके बाद एक बार फिर उन्हीं के बीच वह जनपद फिर आएंगे।  

 
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माया-मुलायम से भीख नहीं मांगेगा समाज 

ओम प्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
कैबिनेट मंत्री ने अपने संबोधन में बसपा सुप्रीमो मायावती और मुलायम का नाम लेकर यह भी कहा कि जनता के वोटों पर डाका डालने के लिए पार्टियां गठबंधन कर रहीं हैं लेकिन वह जातियों को आपस में मिलाकर एक सशक्त संगठन बनाना चाहते हैं। जिसके बाद निचले दबके में पहुंच चुके समाज को माया मुलायम आदि के समक्ष भीख नहीं मांगनी होगी।  

गंगा सफाई के नाम करोड़ों पानी में 
प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गंगा सफाई के नाम पर सरकार ने करोड़ों रुपये पानी में बहा दिए। यदि यही गरीबों की शिक्षा पर खर्च होता तो उसका असर दिखता। शहरों के नाम बदलने से भी बहुत कुछ सरकारों को हासिल नहीं होने वाला।  

बयान दे दिया तो बवाल क्यूं, सही तो कहा 
संबोधन के दौरान ही उन्होंने कहा कि दो दिन पहले उन्होंने सपा के नेताओं पर बयान दे दिया तो उस पर सपा सहित भाजपा में भी बवाल हो गया। उन्होंने कि इसमें उन्होंने गलत क्या कहा कि चार बार सपा की सरकार रही तो उसमें सभी यादवों का ही भला क्यों हुआ,  पुलिस भर्ती हो या फिर बसपा की शिक्षक भर्ती सभी में ऐसे कानून बनाए गए कर उनके समाज का ही उद्धार हो।  

 
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