कानपुर। ग्राहकों को खरा सोने देने की व्यवस्था के बाद भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) चांदी पर हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) लगवाने की तैयारी कर रहा है। ये व्यवस्था एक सितंबर से शुरू की जा सकती है। हालांकि ये स्वैच्छिक होगी। ये नई व्यवस्था अभी केवल बीआईएस सेंटरों के लिए है। सात अगस्त को नई दिल्ली में बीआईएस के अफसरों और स्टेक होल्डरों की बैठक हुई थी। वहीं, नौ कैरेट सोने की श्रेणी जल्द ही बीआईएस के पोर्टल पर अपडेट होगी।
शहर में पहले सामान्य दिनों में एक हजार क्विंटल चांदी और 35 किलो सोने की बिक्री होती थी। मौजूदा समय में सोना-चांदी के दाम आसमान पर होने के कारण कारोबार धीमा चल रहा है। जून 2021 में लागू बीआईएस के नए नियमों के तहत सराफा कारोबारी को बीआईएस का लाइसेंस लेना अनिवार्य है। सोने के हर गहने पर हॉलमार्क चिह्न के साथ एचयूआईडी, सराफा का कोड, कैरेट अंकित किया जाना है।
बीआईएस कमेटी के सदस्य पंकज अरोड़ा ने बताया कि चांदी के पुराने चिह्न को खत्म करके अब एचयूआईडी लगाई जाएगी। पहले चांदी पर चार अंकों का चिह्न लगता था। अब एचयूआईडी के तहत छह अंक वाला चिह्न होगा। इसमें चांदी कहां से खरीदी, उसका वजन आदि का जिक्र होगा। अभी ये केवल बीआईएस सेंटरों के लिए व्यवस्था लाई जा रही है। शहर में बीआईएस के पांच सेंटर हैं। ग्राहकों को शुद्ध चांदी दिलाने के उद्देश्य से यह स्वैच्छिक व्यवस्था लागू की जा रही है। बताया कि नौ कैैरेट पर हॉलमार्क लागू कर दिया गया है। एक सप्ताह में यह बीआईएस के पोर्टल पर दिखने लगेगा।