पहले तो पौत्र नजरंदाज करता रहा लेकिन 17 अप्रैल को जमुना देवी ने देहदान की जिद पकड़ ली, तब पौत्र ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने शाम 5 बजे तक देहदान का संकल्पपत्र भरने की औपचारिकताएं पूरी कराईं। इसके बाद रात 10 बजे अचानक जमुना देवी की हालत बिगड़ने लगी।
पौत्र उन्हें सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल ले गया, पर डेढ़ घंटे बाद उनका निधन हो गया। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बुधवार दोपहर उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कालेज के एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुनितिराज मिश्रा को सौंपा गया।