बैंक ऑफ बड़ौदा में 30 वर्ष नौकरी पूरी कर चुके अधिकारियों के लिए तनाव देने वाली खबर है। बैंक में 55 वर्ष की उम्र तक 30 वर्ष की नौकरी पूरी कर चुके अफसरों की छटनी हो सकती है। बैंक में अब ऐसे अफसरों की हर महीने समीक्षा होगी और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। पहले तीन महीने में समीक्षा होती थी। कार्य में दक्षता कम मिलने पर उन्हें समय से पहले सेवानिवृत्त किया जा सकता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्यालय की ओर से सभी जोनल अधिकारियों को पत्र जारी करके नई व्यवस्था से अवगत कराया गया है। अक्तूबर 2019 में 30 वर्ष की नौकरी पूरी करने वालों की समीक्षा रिपोर्ट 19 अक्तूबर तक भेजनी है, जबकि नवंबर व दिसंबर की समीक्षा रिपोर्ट हर महीने की 10 तारीख तक भेजनी है।
हालांकि बैंक ने इसे रूटीन प्रक्रिया बताया है लेकिन बैंकों के अफसरों का कहना है कि यह रूटीन प्रक्रिया है तो नया सर्कुलर जारी कर हर महीने समीक्षा की क्या जरूरत पड़ी? बैंक के सूत्र बताते हैं कि अधिकारी वर्ग में स्केल-एक, दो और तीन वर्ग के अफसर आएंगे। इसमें सामान्य अधिकारी, प्रबंधक व वरिष्ठ प्रबंधक स्तर के अफसर शामिल होते हैं।
उत्तर प्रदेश बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता का कहना है कि यह रूटीन प्रक्रिया है। रिटायरमेंट से पहले सभी की समीक्षा होती है। बदलाव सिर्फ यह है कि अब हर महीने समीक्षा होगी। वहीं, पीएनबी प्रोग्रेसिव इंप्लाइज यूनियन के मंत्री अनिल सोनकर ने इस सर्कुलर को चिंताजनक बताया है।