कानपुर। जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) लखनऊ की टीम की ओर से पान मसाला और इससे जुड़े सप्लायरों के प्रतिष्ठानों पर मारा गया छापा शुक्रवार को खत्म हो गया। 100 घंटे तक चली जांच में अफसरों को करोड़ों की कर चोरी के दस्तावेज मिले हैं। अफसरों ने कई मोबाइल, लैपटाॅप जब्त किए गए हैं।
डीजीजीआई के अफसरों ने पान मसाला संचालक के ट्रांसपोर्टनगर स्थित दो फैक्टरियों, किदवईनगर, सिविल लाइंस स्थित कार्यालय और एमरॉल्ड स्थित फ्लैट पर भी कार्रवाई की थी। रेलवे ट्रांसपोर्ट का काम देखने वाले ट्रांसपोर्टर के सुतरखाना, तिलियाना स्थित आवास और नयागंज स्थित कार्यालय में भी छापा मारा गया था। अफसरों ने बड़े पैमाने पर दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड को जब्त किया है। सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, माल की ढुलाई, ई-वे बिल, बैंक लेनदेन और लेखा अभिलेखों का मिलान किया है। इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली है।
डीजीजीआई के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक अब तक जांच में सामने आया है कि वास्तविक कारोबार काफी बड़ा होने के बावजूद अभिलेखों में बिक्री कम दिखाकर जमकर टैक्स चोरी का खेल किया जा रहा था। करोड़ों रुपये की कर चोरी के दस्तावेज हाथ लगे हैं। कर चोरी में बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। इसमें पान मसाला और खैनी से जुड़े लोगों के अलावा रेलवे ट्रांसपोर्टर, सप्लायर शामिल हैं। कई मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर का डाटा भी जब्त किया गया है।