स्पेशल क्लोज ही नहीं किया गया
यानी इनका निस्तारण ही नहीं किया गया। सीएम पोर्टल पर 26 शिकायतें आईं, जिसमें पांच का निस्तारण नहीं किया गया। सीएम कार्यालय से शिकायतों का फीडबैक नकारात्मक मिलने पर उन्हें सीधा विभागाध्यक्षों की लॉगिन पर भेजा जाता है। इसकी जांच कराकर अधिकारी को रिपोर्ट लगानी (स्पेशल क्लोज) होती है। चारों तहसील के एसडीएम, बीडीओ, नगर निगम की लापरवाही के कारण 684 शिकायतों की दोबारा जांच कर अधिकारियों के स्तर पर स्पेशल क्लोज ही नहीं किया गया।
सभी के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी
इस कारण जिला 130 में 105 अंक हासिल कर 74वीं रैंक पर रहा। जिले की खराब रैंक आने के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम, विभागाध्यक्षों और अन्य अफसरों को जमकर फटकार लगाई। शिकायत निस्तारण में कहां लापरवाही बरती जा रही ह, इसके लिए जिम्मेदारों को सख्त निर्देश दिए गए। अब जिलाधिकारी लापरवाह अफसरों की सूची तैयार कराकर सभी के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं।
दोबारा जांच के लिए जो अधिकारी स्तर पर शिकायतें आई थीं, उनका स्पेशल क्लोज नहीं किया गया। इस कारण रैंकिंग खराब हुई है। डिफाल्टर श्रेणी में जिन विभागों की शिकायतें रहीं, उन अफसरों को नोटिस जारी होंगे। इसकी गुणवत्ता में सुधार कराया जाएगा। -डॉ. राजेश कुमार, आईजीआरएस नोडल