कानपुर में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूल भी बच्चों को लुभाने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। कोई स्कूल बच्चों की संख्या बढ़ाने को मुफ्त किताबों के वितरण की बात कह रहा है तो कहीं पर फीस माफ की जा रही है।
माध्यमिक स्कूलों में हर वर्ष बच्चों की संख्या घट रही है। ऐसे में बोर्ड से भी स्कूलों पर छात्र संख्या बढ़ाने का दबाव है। इसी वजह से शिक्षक हर साल कोई न कोई नई तरकीब निकालकर छात्र संख्या बढ़ाने की जुगत में लगे रहते हैं।
शिक्षकों का कहना है कि प्रतिस्पर्धा ज्यादा है। स्कूलों में एडमिशन का समय है, हर स्कूल को खुद को बेहतर साबित करने के लिए कुछ नया करना ही होगा। पीपीएन इंटर कॉलेज में नव प्रवेश बच्चों को फ्री पेंसिल बॉक्स दिए जा रहे हैं। गुरु नारायण खत्री इंटर कॉलेज में फीस माफी की व्यवस्था है। प्रबंधन का कहना है कि यदि कक्षा नौ का बच्चा फीस देने में समर्थ नहीं है तो प्रबंधन उसकी फीस माफ कर देगा।
बीएनएसडी इंटर कॉलेज: अपने समय के नामी स्कूल बीएनएसडी इंटर कॉलेज में छात्र संख्या कम होती जा रही है। स्कूल के विज्ञान विभागाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे ने बताया कि स्कूल में पहले प्रवेश पाने छात्रों को कॉपी किताबें मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए कुछ सामाजिक संगठनों से भी बात की गई है। अगर बात नहीं बनी तो शिक्षक अपने वेतन से बच्चों को किताबें उपलब्ध करा देंगे।
आर्य नगर इंटर कॉलेज: स्कूल में छात्र संख्या को बढ़ाने के लिए छठवीं से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को नि:शुल्क बैग का वितरण कराया जाता है। प्रिंसिपल डॉ. गिरीश मिश्र ने बताया कि वह स्वयं और अभिभावकों से धनराशि एकत्र करते हैं। इसी धनराशि से बच्चों को नि:शुल्क स्कूल बैग दिया जाता है। इसके अलावा सीनियर कक्षा में जाने वाले बच्चों से उनकी किताबें लेकर जूनियर में भी बंटवा देते हैं।
डीपीएस इंटर कॉलेज नवाबगंज: स्कूल में कक्षा नौ के बच्चों के लिए फ्री यूनिफार्म की व्यवस्था की गई है। प्रिंसिपल नंद किशोर मिश्रा ने बताया कि इसके अलावा दो टीमें बनाई गई हैं जो अभिभावकों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दे रही हैं। साथ ही बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिन बच्चों के पास फीस जमा करने के लिए पैसे नहीं हैं, उनकी फीस भी स्कूल प्रबंधन जमा कर देता है।