टेनरियों की बंदी और चमड़ा कारोबार को हो रहे अरबों रुपये के नुकसान की खबरें आने के बाद कानपुर में होने जा रही एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) समिट स्थगित कर दी गई है। यह समिट 18 से 20 जनवरी तक होनी थी। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री को करना था। एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत शहर में यह तीसरी समिट होने जा रही थी।
कुंभ मेले तक टेनरियों को बंद करने के आदेश से शहर के चमड़ा उद्योग की कमर टूट गई है। इस पर चमड़ा उद्यमियों ने बुधवार को ओडीओपी समिट में शामिल न होने की बात कही थी। चमड़ा कारोबारियों की ओर से समिट के बहिष्कार की सुगबुगाहट शासन तक पहुंची तो आयोजन को ही टाल दिया गया।
चुनावी माहौल में सरकार के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है
चुनावी माहौल में सरकार के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है। उद्योग विभाग की ओर से आयोजन की तैयारियां फिलहाल रोक दी गई हैं। हालांकि ओडीओपी समिट को स्थगित करने के पीछे कुंभ मेला और एनआरआई समिट की तैयारियों को वजह बताया गया है। हकीकत चमड़ा उद्यमियों की नाराजगी है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि माहौल ठीक करने के बाद ही इसका दोबारा आयोजन कराया जाएगा।
11 जिलों के उद्यमी आने थे
ओडीओपी समिट का आयोजन चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में 18 से 20 जनवरी तक होना था। इसमें कानपुर के अलावा 10 अन्य जिलों कन्नौज, अमेठी, सुल्तानपुर, बलिया, बांदा, महोबा, हमीरपुर प्रयागराज, फतेहपुर और बहराइच के उद्यमियों को बुलाया गया था। तीन दिन चलने वाली इस समिट में उत्पादों की प्रदर्शनी, कई तरह के तकनीकी सत्र और क्रेता विक्रेता सम्मेलन होना था।