मिट्टी के बर्तन में डाला जा रहा दूध व चूल्हे पर मक्खन को गर्म कर तैयार किया जाता घी
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प्रदेश सरकार की ओडीओपी यानी एक जिला एक उत्पाद का दायरा अब बढ़ने को है। इसके तहत पहले सिर्फ एक उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए इस स्कीम में शामिल किया गया था, अब इसमें दूसरे उत्पाद को भी शामिल किए जाना है। अफसर इस पर मंथन कर रहे हैं। विभागों से जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक बीहड़ क्षेत्र के दशकों पुराने घी के कारोबार को इसमें शामिल किया गया है।
दरअसल, वर्ष 2018 के यूपी दिवस के दौरान प्रदेश सरकार ने स्थानीय कारोबार को नया बाजार मुहैया कराने के लिए एक जिला एक उत्पाद योजना शुरू की थी। इसके तहत हर जिले से वहां के प्रमुख कारोबार को योजना में शामिल कर उसे बढ़ावा दिया गया है। इस स्कीम के तहत औरैया जिले में दशकों से हो रहे घी उत्पादन के कारोबार को इसमें शामिल किया गया था।
सात साल तक इस स्कीम के तहत यहां अलग-अलग आयोजन हुए। अब सरकार की ओर से ओडीओपी की दायरा बढ़ाने का फैसला किया गया है। ऐसे में यहां भी घी के अलावा दूसरे उत्पाद से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। ऐसे उत्पाद जिससे ज्यादा लोगों का जुड़ाव हो और उससे रोजगार के मौके भी मिल सकें। इसी के तहत यहां जिला उद्योग केंद्र में मंथन शुरू हो चुका है। अलग-अलग विभागों से कोऑर्डिनेट करके संभावना तलाश की जा रही है।
अब तक इन कारोबार पर हो चुका मंथन
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन (एमएसएमई) के तहत हालांकि अभी किसी नए कारोबार को इस योजना में शामिल करने पर फैसला नहीं हुआ है, लेकिन अलग-अलग काम पर मंथन जरूर चल रहा है। इसी के तहत जिला उद्योग केंद्र की टीम ने अलग-अलग विभागों और संगठन से संपर्क करके जिन नाम पर निगाह डाली है, उसमें जूता-चप्पल निर्माण उद्योग, फर्नीचर उद्योग, ढोलक निर्माण के अलावा कृषि से जुड़े कुछ उत्पादों पर भी चर्चा हुई है। हालांकि फाइनल नहीं किया गया है। कुछ और भी संभावना तलाशी जा रही है।
ओडीओपी में नए उत्पाद को शामिल करने पर मंथन चल रहा है। अलग-अलग विभागों से कोऑर्डिनेट करके नई संभावना तलाशी जा रही है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। इसके तहत नए कारोबार को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार के नए मौके उपलब्ध कराए जाएंगे।
- दुर्गेश कुमार, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र