कानपुर। कल्याणपुर के विसायकपुर बांगर स्थित आरएस कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के प्लाॅट पर अवैध कब्जा करने और रंगदारी मांगने का आरोप लगा सेवानिवृत्त सहायक नगर आयुक्त प्रेम कुमार त्रिपाठी ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपियों ने उनसे प्लाट के दस्तावेज 50 लाख में बेचने की बात कही और न मानने पर एक करोड़ रुपये रंगदारी मांगी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्जकर जांच में जुटी है।
कल्याणपुर के इंद्रानगर निवासी प्रेम कुमार त्रिपाठी सहायक नगर आयुक्त पद से साल 2011 में रिटायर्ड हुए थे। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि आरएस कोआपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के प्लॉट संख्या 11 और 12 वर्ष 1989 में उनकी सास विमला दीक्षित के नाम पंजीकृत हुए थे। इसमें उनकी बाउंड्रीवाॅल और कब्जा भी था। 1990 और 1991 में नियमितीकरण का शुल्क जमा होने के बावजूद वर्ष 1991 में श्रीनाथ अग्रवाल और विमला अग्रवाल ने उक्त प्लाट खरीद कर शक्ति इंफ्राविजन के भानु प्रताप सिंह यादव को फर्जी तरह से रजिस्ट्री करा दी।
वर्ष 2008 में सुमित गुप्ता और अमित गुप्ता ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए प्लाट क्रय कर 1200 वर्गगज में अवैध तरीके से निर्माण कर लिया। शिकायत के बाद तत्कालीन एसडीएम की रिपोर्ट पर वर्ष 2017 में केडीए ने निर्माण ध्वस्त कर दिया। इसके बाद प्लॉट संख्या 9, 10, 13 और 14 पर भी फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी का प्रयोग कर कब्जे का प्रयास किया। लगभग 400 वर्गगज रास्ते पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की गई।
आरोपियों ने पीड़ित और उनके पुत्र नितिन त्रिपाठी से 50 लाख रुपये में प्लाॅट के दस्तावेज देने या फिर एक करोड़ रुपये रंगदारी देने का दबाव बनाया। उनके बेटे नितिन त्रिपाठी को हत्या की धमकी दी गई। कल्याणपुर पुलिस ने पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर हवलदार सिंह यादव, भानु प्रताप सिंह यादव, राघवेंद्र प्रताप सिंह यादव, गिरजा शंकर मिश्रा, श्रीनाथ अग्रवाल, हर नरायण गुप्ता, सुमित गुप्ता और अमित गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, गिरजा शंकर, राघवेंद्र और भानु को मंगलवार को अन्य प्लाॅट पर कब्जा और रंगदारी मांगने के मामले में जेल भेजा जा चुका है। एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि जांच चल रही है और जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।