कानपुर। नगर निगम के पिछले सदन में तय किए गए साढ़े छह हजार रुपये के नामांतरण शुल्क के प्रस्ताव पर मंगलवार को मुहर लग गई। अब नगर निगम ने इस पर लोगों से आपत्तियां मांगी गई हैं। उम्मीद है कि मार्च तक ही इसे लागू किया जाएगा।
27 दिसंबर को नगर निगम ने एक प्रतिशत नामांतरण शुल्क खत्म कर 6500 रुपये की दर तय कर दी थी। इसमें एक हजार रुपये आवेदन शुल्क, पांच हजार रुपये नामांतरण शुल्क और 500 रुपये विज्ञापन शुल्क शामिल है। अगर एक साल के अंदर भवन की रजिस्ट्री या वसीयत कराई जाती है तो लोगों को यह सुविधा मिलेगी। एक से तीन साल तक कराने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगेगा। तीन से पांच साल तक दो हजार, पांच से 10 साल तक पांच हजार और इसके बाद यह कार्य कराने पर 10 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि आपत्तियां मांगनी शुरू कर दी हैं। 30 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद अधिकारी आपत्तियाें को निस्तारित करेंगे।
नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोग अभी रजिस्ट्री कराने पर एक प्रतिशत नामांतरण शुल्क जमा करते हैं। नए नियम लागू होने के बाद लोगों को इसके लिए कम राशि देनी होगी। इसको लेकर बहुत सारे लोग अभी नामांतरण नहीं करा रहे हैं।