बाबा नीबकरोरी की तपस्थली जिसके बारे में हनुमान अंश फिल्म में दिखाया गया है। उस तपस्थली के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। श्रद्धालु इसके चलते वहां दुकानों की संख्या भी बढ़ गई है। लोग आसानी से मंदिर तक पहुंच सके। इसके लिए मोहम्मदाबाद-संकिसा मार्ग से मंदिर तक फोरलेन सड़क का निर्माण भी कराया जा रहा है।
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वहां के पुजारी रामलखन वाजपेयी ने मंदिर में स्थापित हनुमान जी की उस प्रतिमा के बारे में में भी बताया जिसे बाबा लक्ष्मण दास (बाबा नीबकरोरी) ने गाय के गोबर व मिट्टी से बनाकर स्थापित किया और बाद में उसकी पूजा की। उस गुफा के बारे में बताया जिसमें बाब नीबकरोरी साधना करते थे। मंदिर के पास ही वह गुफा भी बनी है, जिसमें बाबा ने 12 वर्ष तक तप किया था। इस गुफा के बारे में भी हनुमान अंश मूवी में दिखा गया है।
इस गुफा के दर्शन कर लोग मनौती मांगते हैं। मंदिर में मूवी देखने के बाद पहली बार आने वाले श्रद्धालुओं की भी खासी संख्या है। मंदिर के दूसरे पुजारी त्यागी जी महाराज मंदिर में स्थापित बाबा नीबरकरोरी की प्रतिमा के बारे में बताते हैं कि बाब नीबकरोरी 1976 में ब्रह्मलीन हो गए थे। इसके बाद 1984 में बाबा नीबकरोरी की प्रतिमा स्थापित की गई थी।