वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि जेएनयू में देशद्रोही घटनाएं होना शर्मनाक है। जेएनयू का नाम जवाहरलाल नेहरू के नाम से नहीं होना चाहिए। उन्होंने नेहरू को अनपढ़ बताया और कहा कि जेएनयू का नाम सुभाष चंद्र बोस के नाम से हो। जेएनयू के राष्ट्रवादी विद्यार्थियों में साहस पैदा किया जाएगा। वे शनिवार को वीएसएसडी कॉलेज में वैश्विक आतंकवाद विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
स्वामी ने आरोप लगाया कि नेहरू-गांधी परिवार में कोई कॉलेज पास नहीं कर पाया। सोनिया गांधी की डिग्री भी फर्जी निकली थी। जवाहरलाल नेहरू कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में फेल हो गए थे। उन्होने कहा कि हिंदू, मुसलमान, ब्राह्मण और शूद्र का डीएनए एक है। सभी के पूर्वज हिंदू थे। मौजूदा समय में मुसलमानों को भी साथ लेकर चलने की जरूरत है। आतंकवाद को खत्म करने के लिए देश में हथियार और सेना से ज्यादा मंशा की जरूरत है।
जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाई जाएगी। इसके लिए मोदी सरकार को कैबिनेट से प्रस्ताव पास कर राष्ट्रपति को भेजना है। यह राष्ट्रपति पास करें तो ठीक वरना अगले साल अपना राष्ट्रपति बन जाएगा। उन्होंने कश्मीर में विस्थापित कश्मीरी पंडितों को बसाने की जरूरत बताई।