शुरू हुई देश की पहली सेंट्रल लैब
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कानपुर स्थित नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) में देश की पहली सेंट्रल लैब बनाई गई है जहां चीनी मिलों से जुड़ी हर तरह की जांच हो सकेगी। इस लैब को राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान प्रयोगशाला नाम दिया गया है। इसमें एनएसआई चीनी उत्पादन बढ़ाने के साथ चीनी मिलों का प्रदूषण भी कम करने का काम करेगा।
संस्थान के वैज्ञानिक शोध करके पहले प्रदूषण के बड़े कारकों का पता लगाएंगे, फिर उन्हें कैसे रोका जाए, इस पर काम करेंगे। शुक्रवार को इस लैब का शुभारंभ केंद्रीय संयुक्त सचिव (शर्करा) सुरेश वशिष्ठ ने किया। उन्होंने संस्थान के निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन के साथ पूरे लैब और संस्थान का निरीक्षण भी किया। प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि इस लैब में शुगर, इथेनॉल, खोई की जांच भी हो सकेगी।
प्रो. मोहन के मुताबिक मिलों से निकलने वाला गंदा पानी, डिस्टलरी से निकलने वाला गंदा पानी सिर्फ नदियों, तालाबों को ही नहीं बल्कि मिट्टी को भी अधिक प्रदूषित कर रहा है। इसलिए भी इस लैब की काफी जरूरत थी। अभी तक केवल चीनी, एथेनॉल, खोई की जांच यहां होती थी। अब यहां निकलने वाले गंदे पानी की भी जांच होगी।
नए कोर्स की पढ़ाई में भी होगी मददगार
संस्थान के निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि पिछले वर्ष संस्थान में क्वालिटी कंट्रोल एंड एनवायरमेंट साइंस का नया पाठयक्रम शुरू कराया गया था। इसके लिए एक अत्याधुनिक लैब चाहिए थी। अब लैब शुरू होने से इस कोर्स के छात्रों को भी सहूलियत मिलेगी।