कानपुर देहात। रेलवे स्टेशन पर डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए क्यूआर कोड डिवाइस लगाई जा रही है। अब यह सुविधा जल्द ही सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर भी मिलेगी। इससे यात्रियों को अब फुटकर रुपये लेकर कतार में खड़े होने की परेशानी नहीं होगी। क्यूआर कोड से लोगों को कैशलेस होने के बाद भी आसानी से टिकट प्राप्त हो जाएगा।
जिले में पुखरायां, रूरा व झींझक से प्रतिदिन कानपुर व लखनऊ के लिए छह हजार से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। जो सुबह काम के लिए सिलसिले में जाते हैं और शाम को वापसी करते हैं। इन्हें काउंटर पर टिकट लेने के लिए फुटकर पैसे लेकर लाइन लगानी होती है। अब ऐसा नहीं होगा, यूटीएस और पीआरएस काउंटर पर क्यूआर कोड डिवाइस को लगाया गया है। इससे जहां लोगों को फुटकर कराने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना होगा। नई व्यवस्था से डिजिटल भुगतान को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे मंत्रालय की ओर से रेल यात्रियों को टिकट किराया का भुगतान मोबाइल एप, एटीवीएम सहित पीओएस और यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान की सुविधा पहले ही मिल रही है। अब रेलवे स्टेशन पर आकर टिकट लेने वालों के लिए भी क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान से आसान हो जाएगी। यह सुविधा जल्द ही सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर मिलेगी। इससे यात्रियों का सफर आसान होगा। यात्रियों को पास में फुटकर पैसे नहीं होने के झंझट से भी छुटकारा मिल जाएगा।
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यात्रियों को सुविधा देने के लिए रेलवे में डिजिटल सेवाओं को काफी मजबूत बनाया जा रहा है। पुखरायां सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिलेगी। आधुनिक युग में डिजिटल सेवा होना जरूरी है। - मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी झांसी मंडल रेलवे