ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर एकेडमिक नेटवर्क (जीआईएएन) के तहत आईआईटी कानपुर को आठ शॉर्ट टर्म कोर्स चलाने की अनुमति मिल गई है। इसका मकसद उच्च, तकनीकी शिक्षा और शोध की गुणवत्ता बढ़ाना है।
नए कोर्स का लाभ बीटेक, बीई, एमटेक, एमई और पीएचडी स्कॉलर, एकेडमिक इंस्टीट्यूट, इंडस्ट्री, रिसर्च इंस्टीट्यूट और आर्गेनाइजेशन को मिलेगा। साइंटिफिक टेक्नोलॉजी बढ़ाने और अच्छे विज्ञानियों का समूह बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। विदेशी शिक्षक भी कक्षाएं लेंगे और अपना अनुभव, तकनीक बताकर उद्यमिता विकास का प्लेटफार्म तैयार करेंगे।
शोध, शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय रूप देंगे। आईआईटी के शिक्षकों को भी क्लास लेनी है। निर्धारित शुल्क देकर कैंपस में रुका और पढ़ा जा सकेगा।
आईआईटी में ये मिलेगी सुविधा
24 घंटे फ्री इंटरनेट, इंस्ट्रक्शनल मैटेरियल, कंप्यूटर इस्तेमाल और लेक्चर क्लास लेने की छूट, एसाइनमेंट वर्क कराने, लैब, लाइब्रेरी और लेबोरेट्री के इक्विपमेंट इस्तेमाल की व्यवस्था।
और संस्थानों में पढ़ाई
देश की सभी आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईएससी बंगलूरू, आईआईएसईआर और राज्य विश्वविद्यालयों में भी इसी तरह का शार्ट टर्म कोर्स शुरू किया गया है। इसका मकसद देश की शिक्षा, रिसर्च और टेक्नोलॉजी सिस्टम को मजबूत बनाना है।
आईआईटी में होगी इन कोर्सों की पढ़ाई
पाइप इंस्पेक्शन रोबोट्स फॉर स्ट्रक्चरल हेल्थ मानीटरिंग
27 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा कोर्स।
विदेशी स्टूडेंटों से 500 यूएस डॉलर, भारतीयों से दो माड्यूल की पढ़ाई की 25000 और सभी माड्यूल की 30 हजार रुपये फीस ली जाएगी। एकेडमिक इंस्टीट्यूट से 15000 रुपये फीस ली जानी है।
जापान के वासेडा यूनिवर्सिटी के प्रो. हारुतोषी ओगाई और आईआईटी कानपुर के प्रो. विशाख भट्टाचार्य कक्षाएं लेंगे।
कैटालॉसिस फॉर एनर्जी स्टोरेज
6 जून से 15 जून तक चलेगा कोर्स।
स्विट्जरलैंड लूसियाना के डॉ. एक्सिल ह्यू, आईआईटी के प्रो. जेके बेरा और डॉ. रजा अनगामुथू लेंगे क्लास।
बाहरी स्टूडेंटों से 500 यूएस डॉलर, इंडस्ट्री और रिसर्च इंस्टीट्यूट से 10 हजार और एकेडमिक इंस्टीट्यूट से 1000 रुपये फीस ली जाएगी।
इंट्रोडक्शन टू बायो टेक्नोलॉजी
15 फरवरी से 2 मार्च तक चलेगा कोर्स।
फ्रांस के प्रो. डॉ. अल्बर्ट बिआनको और आईआईटी के प्रो. संदीप वर्मा लेंगे कक्षाएं।
फीस तय नहीं।
वैरिएशनल मल्टीस्केल फिनिटी एलिमेंट मेथड इन कांप्यूशनल फ्लूयूड डायनिमिक्स
4 से 14 मई तक लगेंगी कक्षाएं।
स्पेन के प्रो. रैमॉन कोडिना और आईआईटी के प्रो. बीवीर रतिश कुमार पढ़ाएंगे।
बाहरी स्टूडेंटों से 500 यूएस डॉलर, इंस्डस्ट्री, रिसर्च आर्गेनाइजेशन से 30,000 और एकेडमिक इंस्टीट्यूट से 1000 फीस ली जाएगी।
कॉगनेटिव रेडियो वायरलेस कम्युनिकेशन थ्योरी, प्रैक्टिस एंड सिक्योरिटी
11 से 21 अप्रैल तक चलेंगी कक्षाएं।
अमेरिका के प्रो. प्रमोद के वार्ष्णेय और आईआईटी के प्रो. आदित्य के जगन्नाथन लेंगे क्लास।
बाहरी स्टूडेंटों से 500 युएस डॉलर, बीटेक, बीई, एमटेक, एमई और पीएचडी स्कॉलर से 7500 रुपये, इंजीनियरिंग कॉलेज, यूनिवर्सिटी की फैकल्टी और इंडस्ट्री प्रोफेशनल, पर्सनल और रिसर्च आर्गेनाइजेशन से 8500 रुपये फीस ली जाएगी।
कंबशन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेस
9 से 18 मई तक लगेंगी कक्षाएं।
फ्रांस के प्रो. टेरी प्वाइनसॉट और आईआईटी के प्रो. शांतनु डे लेंगे कक्षाएं।
बाहरी स्टूडेंटों से 800 यूएस डॉलर, इंडस्ट्री और रिसर्च आर्गेनाइजेशन से 25000 रुपये प्रति मॉड्यूल, सभी मॉडयूल की 40000 रुपये फीस जमा कराई जाएगी।
रिकंस्ट्रक्शन ऑफ द एशियन मानसून सिस्टम, न्यू अप्रोच एंड टेक्निक
17 से 30 अक्तूबर तक होगी पढ़ाई।
अमेरिका के प्रो. आशीष सिन्हा और आईआईटी के प्रो. राजीव सिन्हा लेंगे क्लास।
फीस अभी तय नहीं।
फंडामेंटल्स ऑफ माइक्रो मैचिंग।
15 दिसंबर 2016 से 15 जनवरी 2017 तक लगेंगी कक्षाएं।
अमेरिका के प्रो. शिव जी कपूर और आईआईटी के प्रो. जे रामकुमार लेंगे क्लास।
इंडस्ट्री, रिसर्च आर्गेनाइजेशन की बिना फील्ड वर्कशाप फीस 20,000 रुपये, एकेडमिक इंस्टीट्यूट से कोई शुल्क नहीं। फील्ड वर्कशाप के साथ 30 हजार रुपये और एकेडमिक इंस्टीट्यूट से 10,000 रुपये फीस ली जाएगी।