कानपुर। अब रोगी के हाथ में दर्द का कंट्रोल आ गया है। रोगी को अगर दर्द बढ़े तो रिमोर्ट कंट्रोल का बटन दबा कर दवा ले ले और अगर दर्द नहीं है तो दवा न ले। दर्द से राहत के लिए उसे डॉक्टर और नर्स को बुलाने की जरूरत नहीं रहेगी। यह सब होता है पीसीए पंप से। इसकी कैसेट में दर्द की दवा की रिफिल लगा दी जाती है। रिमोट कंट्रोल से रोगी को दिया जाता है। दवा की निर्धारित डोज उसमें निश्चित होती है। रोगी जैसे ही बटन दबाता है दर्द की दवा शरीर में चली जाती।
यह बात डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के वरिष्ठ एनेस्थेसिया विशेषज्ञ डॉ. एसएस नाथ ने बताई। वह यहां जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में भारतीय सोसायटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स (आईएसए) यूपी स्टेट शाखा के बैनर तले आयोजित राष्ट्रीय सीएमई में बताई। उन्होंने बताया कि इस मशीन को पेशेंट कंट्रोल्ड एनलजेसिया भी कहते हैं। रोगी का बड़ा ऑपरेशन करने के बाद इस डिवाइस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसके अलावा कैंसर रोगियों के लिए भी यह पीसीए पंप से बहुत राहत है। जिन कैंसर रोगियों को असहनीय दर्द रहता है, उन्हें आराम देने के लिए इस पंप का इस्तेमाल किया जाता है। रोगी को जब पीड़ा बढ़े तो तुरंत दवा ले ले। इससे रोगी की लाइफ क्वालिटी बेहतर रहती है। इसके अलावा रोगी का मानसिक दबाव कम होता है। उसे पता रहता है कि दर्द कम करने का बटन उसके हाथ में है। उसे इंजेक्शन लगवाने के लिए किसी को बुलाना नहीं पड़ेगा। रोगी के हाथ में या कमर में ड्रिप लगा दी जाती है। उसी से दवा शरीर के अंदर जाती है।