कानपुर देहात। जिले के नौ हजार से अधिक पेंशनधारकों को अब हर वर्ष जीवित प्रमाणपत्र देने के लिए कोषाधिकारी कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब वह देश के किसी भी कोने में हैं, घर बैठे जीवन प्रमाण एप्लीकेशन पर अपनी सेल्फी अपलोड कर जीवित होने का प्रमाणपत्र दे सकेंगे।
दरअसल, पेशनधारकों को हर साल नवंबर महीने में कोषाधिकारी कार्यालय में आकर शपथ पत्र देना होता है कि वह जीवित हैं। इसके लिए एक निर्धारित तारीख होती है। उससे पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होती है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो विभाग की तरफ से पेंशन रोक दी जाती है। इस प्रक्रिया में सबसे अधिक समस्या उन पेंशनधारकों को होती है, जो बीमार हैं या फिर अपने परिवार के साथ किसी दूसरे शहर या विदेश में रहते हैं।
यह समस्या देखते हुए शासन की तरफ से जीवन प्रमाणपत्र मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की है। इसके साथ ही मोबाइल में आधार फेस आइडी एप्लीकेशन भी प्ले स्टोर से डाउनलोड करनी होगी। इन दोनों एप्लीकेशन के माध्यम से पेंशनधारक कहीं से भी अपना चेहरा स्कैन कर जीवित होने का प्रमाण दे सकता है। उसे कार्यालय आने की जरूरत नहीं पडे़गी।
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ऐसे इंस्टाल करें एप्लीकेशन
सबसे पहले जीवन प्रमाण एप्लीकेशन और आधार फेस आइडी एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में इंस्टाल करना होगा। इसके बाद जीवन प्रमाण एप्लीकेशन में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए आधार, मोबाइल और ईमेल आइडी अनिवार्य है। इसके बाद फेस स्कैन करना होगा। यह ध्यान रखना होगा कि फेस स्कैन करते समय पेंशनधारक को पलक झपकानी है। इसके बाद पेंशनधारक का नाम, राज्य, विभाग, ट्रेजरी, बैंक खाता संख्या और अन्य जानकारी भरनी होगी। मोबाइल पर ओटीपी आते ही सबमिट करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए मोबाइल से आधार लिंक होना जरूरी है।
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वर्जन-
जीवन प्रमाण एप्लीकेशन शुरू कर दी गई है। इससे पेंशनधारकों को कार्यालय में आने की जरूरत नहीं होगी। अगर फिर भी कोई समस्या आती है, तो पेंशनधारक आकर जानकारी जुटा सकते हैं। - श्रीभुवन प्रसाद, वरिष्ठ कोषाधिकारी