परेड की मुर्गा मार्केट हटने के साथ नौबस्ता स्थित मौरंग मंडी को हटाने की मांग बुलंद हो गई है। रिहायशी आबादी के बीच बसी मौरंग मंडी लोगों की सांसों में जहर घोल रही है।
धूल के गुबारों के कारण आलीशान घरों के दरवाजे तक नहीं खुलते। इतना ही नहीं करीब एक किमी सड़क पर बिखरी मौरंग दोपहिया वाहनों के लिए हादसे का कारण बनती है।
कुछ लोग तो अपना मकान बेचकर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। लोगों का कहना है कि छत और छज्जों के दरवाजे धूल के चलते बंद ही रखने पड़ते हैं। सालों से सुन रहे हैं कि मंडी शिफ्ट होगी, लेकिन हो कुछ नहीं रहा है।
न्यू ट्रांसपोर्ट नगर में मांगी मौरंग मंडी
कानपुर (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश गिट्टी मौरंग ट्रक आपरेटर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीप अवस्थी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और केडीए वीसी जयश्री भोज को पत्र भेजकर पनकी व नौबस्ता में लगने वाली मौरंग मंडी को वहां से हटाकर न्यू ट्रांसपोर्ट नगर या बिनगवां में स्थापित कराने की मांग की है।
उन्होंने लिखा है कि शहर को व्यवस्थित कराने के लिए मौरंग मंडी का शहर से बाहर होना बहुत जरूरी है। नवीन गल्ला मंडी की तरफ ही मौरंग मंडी के लिए भी केडीए व जिला प्रशासन शहर से बाहर जमीन उपलब्ध करवाए। वहां ट्रक खड़े करने के लिए प्लाट भी आवंटित किए जाएं।
इसके अलावा मंडी के अंदर ही धर्मकांटा लगवाए जाएं। अन्य उद्योगों की तरह मौरंग गिट्टी व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सरकार इन कारोबारियों को मदद करे। प्रदेश अध्यक्ष ने चेताया कि एक सप्ताह के अंदर मौरंग मंडी के लिए जमीन का आवंटन शुरू नहीं हुआ तो एसोसिएशन को आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।
मंडी की मांग में व्यापारी संजय गुप्त, मनोज मिश्रा, रवि मिश्रा, अनूप सिंह, अंबिका सिंह, विनय मिश्रा ने भी सहमति जताई।