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UP: अब आईआईटी कानपुर में शुरू होगा स्पेस साइंस का ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम, नए सत्र से हो सकती है शुरुआत

Wed, 28 Aug 2024 11:58 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: अभी तक छात्र अंतरिक्ष में जाने के लिए मैकेनिकल या एयरोस्पेस कोर्स से बीटेक करते आएं हैं। स्पेस साइंस का अलग से कोई कोर्स संचालित नहीं होता है। अब आईआईटी कानपुर में स्पेस साइंस का ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम शुरू होगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छात्रों को अंतरिक्ष की पढ़ाई कराने के लिए अब आईआईटी कानपुर में स्पेस साइंस का ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। अभी स्नातक में माइनर कोर्स के रूप में इसे संचालित किया जा रहा है। कोर्स को अगले सत्र से शुरू करने की तैयारी है। यूजी में यह मुख्य विषय के रूप में न होकर ज्वाइंट डिग्री कोर्स के रूप में शुरू किया जाएगा।
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आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक अब अंतरिक्ष के रहस्यों को सुलझाने के लिए वैज्ञानिकों की टीम बनाने की तैयारी में हैं। अभी तक छात्र अंतरिक्ष में जाने के लिए मैकेनिकल या एयरोस्पेस कोर्स से बीटेक करते आएं हैं। स्पेस साइंस का अलग से कोई कोर्स संचालित नहीं होता है। जबकि आईआईटी में डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस, प्लैनिटेरी एंड एस्ट्रानामिकल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग सेंटर भी संचालित होता है। जिसमें अभी परास्नातक और पीएचडी का कोर्स संचालित होता है। स्नातक में माइनर कोर्स के रूप में स्पेस साइंस का कोर्स संचालित हो रहा है, आने वाले समय में इसे ज्वाइंट डिग्री के रूप में संचालित करने की तैयारी है।
 
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पीएचडी में 20 और एमटेक में आठ छात्र हैं। एमटेक इसी साल से शुरू किया गया है। स्नातक में माइन विषय के रूप में संचालित स्पेस साइंस में 34 छात्र हैं। स्नातक में इसे मुख्य विषय के रूप में शुरू करने के लिए शिक्षकाें की संख्या पूरी नहीं है। इसके लिए 15 शिक्षकों की जरूरत है, जबकि अभी मात्र यह संख्या छह ही है। शिक्षक भर्ती के बाद ही स्नातक में यह कोर्स शुरू किया जाएगा।
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विभागाध्यक्ष प्रो. पंकज जैन ने कहा कि जल्द ही स्पेस साइंस में ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। जिसकी तैयारी की जा रही है। इसके अलावा छात्रों में अंतरिक्ष के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान में काफी स्कोप है। ऐसे गूढ़ रहस्य है, जिनकी खोज से काफी कुछ बदल सकता है।
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