अब बार-बार नोट बदलने वालों की भीड़ से निपटने के लिए सरकार ने नया तरीका निकाला है। इससे अब उन लोगों को भी 500 व 1000 के नोट बदलने का मौका मिलेगा, जो अब तक भीड़ को देखते हुए बैंक जाने की हिम्मत नहींं जुटा पाए थे। फैसले से महिलाओं, बूढ़ों, विकलांग व बीमार लोगों को राहत मिलेगी।
उधर यह भी कहा जा था कि कुछ लोग बैंकों में भाड़े पर जनधन खाता धारकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे बड़ी आसानी से कालाधन सफेद किया जा रहा है। बाद में पता चला कि इसकी आड़ में कुछ बिल्डर और व्यापारी ही अपने मजदूरों के सहारे बैंक में कालाधन सफेद कर रहे थे।
सरकार को बिना हिसाब-किताब दिए काले कारोबारियों ने पहले ऐसा धन खूब जुटाया। लेकिन अब यही इनका सिर का दर्द बनता जा रहा है। सरकार पहले से सतर्क हो चुकी है। परत दर परत ऐसे कालधन रखने वालों को पकड़ने के लिए ही नए तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
नोट बदलने वाले व्यक्ति के नाख़ून पर ठीक वैसे ही स्याही लगेगी जैसे वोटिंग के वक्त लगाई जाती है। फिलहाल बड़े शहरो में आज से यह व्यवस्था लागू होगी। बाता दें यह फैसला स्थाई रूप से न रहकर कुछ दिन के लिए ही लिया गया है।
वहीं मंदिर, ट्रस्ट को मिलने वाले दान पर भी सरकार की नज़र गड़ी हैं। सरकार ने जनधन खाताधारकों को अपना खाता ऐसे लोगों के लिए इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। सभी जनधन खातों पर सरकार की नज़र है।