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Kanpur News: हैलट में अब हर रोगी के हाथ में बंधेगा क्यूआर कोड वाला बैंड

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कानपुर। हैलट में जिंदा रोगी को मुर्दा बताने के मामले में जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला को दे दी है। इसमें बताया गया कि पुलिस इन्फॉर्मेशन (पीआई) रिपोर्ट बनाने में चूक हुई लेकिन इसे तुरंत सुधार लिया गया। पुलिस को तुरंत सही पीआई भेजी गई। एक पुलिस कर्मी ने मामले की रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल कराई। उन्होंने बताया कि अब हर रोगी के हाथ पर बैंड बांधा जाएगा। इसमें पूरी डीटेल रहेगी। यह व्यवस्था तीन से छह महीने में लागू कर दी जाएगी।
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कुछ दिन पहले मेडिसिन वार्ड से गलत रोगी की मौत की पीआई पुलिस को भेजी गई थी।प्राचार्य डॉ. संजय काला ने उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की थी। इसमें हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल थे। डॉ. काला ने बताया कि पहली पीआई स्टाफ ने शाम सात बजे भेजी। गलती पता चलने पर पहली पीआई निरस्त करने के बाद पीआई 8:30 बजे भेजी गई।
जब पहली पीआई तैयार हुई, उस वक्त ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर एक गंभीर रोगी को सीपीआर दे रहे थे। रोगी को सीपीआर देने के बाद आए तो गलती पता चली और दूसरी पीआई भेजी। इस दौरान सत्यापन के लिए पुलिस वार्ड में नहीं आई। थाने के मुंशी ने जानबूझकर यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल कराया। डॉ. काला ने बताया कि संबंधित स्टाफ को चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। साथ ही भर्ती रोगियों के हाथ पर बैंड बांधा जाएगा। इसमें क्यूआर कोड भी रहेगा। इसे स्कैन करते ही रोगी के संबंध में सारा ब्योरा आ जाएगा। इससे किसी तरह के भ्रम की स्थिति पैदा नहीं हो पाएगी।
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