दो आरओबी बनाने का फैसला किया
कहा जा रहा था कि जरीबचौकी रेलवे क्रॉसिंग पर यदि आरओबी बना तो इससे सटे जीटी रोड में एलिवेटेड रोड नहीं बन पाएगी। 13 अक्तूबर को मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा की अध्यक्षता में कमिश्नर, डीएम, आदि अधिकारियों ने निरीक्षण कर जरीबचौकी रेलवे क्रॉसिंग में दो आरओबी बनाने का फैसला किया।
आरओबी के रैंप उतरेंगे, इसलिए नहीं बन पाएगा एलिवेटेड रोड
सेतु निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जरीबचौकी रेलवे क्रॉसिंग से लेकर चौराहे तक जीटी रोड में दोनों तरफ आरओबी के रैंप उतरेंगे, इसलिए वहां एलिवेटेड रोड नहीं बन पाएगा। इसके मद्देनजर एनएच पीडब्ल्यूडी से कहा गया है कि वे रामादेवी से गोल चौराहा तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को जरीबचौकी से पहले आचार्यनगर मोड़ (संगीत मोड़) के आसपास तक बनाएं।
लागत भी करीब 300 करोड़ रुपये घट जाएगी
इससे रोड का निर्माण हो जाएगा और आरओबी निर्माण में भी बाधा नहीं आएगी। इसके लिए तर्क दिया गया कि जीटी रोड में टाटमिल चौराहे के पास से झकरकटी होते हुए आचार्यनगर तिराहे तक सर्वाधिक वाहनों का आवागमन होता है। करीब चार किलोमीटर के दायरे में ही घंटों यातायात प्रभावित होने के साथ ही झकरकटी में भी घंटों जाम लगता है। इस प्रकार एलिवेटेड रोड करीब 8 किलोमीटर का ही बनने से लागत भी करीब 300 करोड़ रुपये घट जाएगी। निर्माण अवधि भी घटेगी।
रामादेवी से कल्याणपुर तक फर्राटा भरेंगे वाहन
अधिकारियों के अनुसार, एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, जरीबचौकी क्राॅसिंग पर दो उपरिगामी सेतु, एक अंडरपास और रामादेवी से संगीतमोड़ के पास तक चार लेन का एलिवेटेड रोड बनने से वाहन रामादेवी से कल्याणपुर में आईआईटी के आगे तक फर्राटा भर सकेंगे। उन्हें टाटमिल चौराहा, झकरकटी बस अड़्डे के बाहर, अफीमकोठी चौराहा, अनवरगंज रेलवे स्टेशन मोड़ में जाम में फंसना नहीं पड़ेगा। आईआईटी तक पड़ने वाली 14 रेलवे क्रॉसिंग के फाटक बंद होने का झंझट भी नहीं रहेगा।
13 अक्तूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक में एनएच पीडब्ल्यूडी से रामादेवी से संगीत मोड़ के पास तक ही एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार करने के लिए कह दिया गया था। तीनों कार्य होने पर रामादेवी से कल्याणपुर तक वाहन फर्राटा भरते हुए निकल सकेंगे। -विजय कुमार सेन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, सेतु निगम