कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब डिग्री के साथ वास्तविक कार्यस्थल पर प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।
इसके लिए विवि ने भारत सरकार की नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम के तहत बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग, नॉर्दर्न रीजन (बोट-एनआर), कानपुर के साथ मंगलवार को समझौता किया। एमओयू पर कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और बोट-एनआर के निदेशक विवेक कुमार ने हस्ताक्षर किए।समझौते के तहत विश्वविद्यालय में अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम लागू किया जाएगा।
तीन वर्षीय स्नातक डिग्री में न्यूनतम एक और अधिकतम तीन सेमेस्टर, चार वर्षीय डिग्री में न्यूनतम दो और अधिकतम चार सेमेस्टर की अप्रेंटिसशिप एनएटीएस के तहत मान्य होगी। अंतिम सेमेस्टर में अप्रेंटिसशिप करने वाले विद्यार्थियों को एनएटीएस के प्रावधानों के अनुसार स्टाइपेंड भी मिलेगा। कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, डीन एकेडमिक्स प्रो. बृष्टि मित्रा, प्रो. सुधांशु पांड्या, प्रो. विशाल अवस्थी आदि मौजूद रहे। ब्यूरो