कानपुर देहात। जिम्मेदार अफसरों के रुचि न लेने से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण औंधे मुंह पड़ी है। दोनों योजनाओं के 3181 लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 204 लाभार्थियों का ही पंजीकरण हो सका है जबकि, एक आवास की जियो टैगिंग हुई है। इस कारण लाभार्थियों के आवास नहीं बन पा रहे हैं। शुक्रवार को ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर सीडीओ ने परियोजना निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी कर निलंबन की चेतावनी जारी की है।
गरीबों को अपनी छत देने के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण चलाई जा रही हैं, लेकिन उन्हें लाभ देने के बजाय जिम्मेदार अफसर लापरवाही कर रहे हैं। जिले को पीएम आवास योजना में 3033 व सीएम आवास योजना में 148 आवासों का लक्ष्य दिया गया है। शासन की ओर से लाभार्थियों का पंजीकरण कराने के साथ जियो टैगिंग कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन दोनों योजनाओं की हालत खराब है।
16 दिसंबर को समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त, ग्राम्य विकास ने पाया कि जिले में प्रधानमंत्री आवास लक्ष्य 3033 के सापेक्ष अभी तक सिर्फ 27 लाभार्थियों के ही पंजीकरण हुए हैं। जबकि, एक ही जियो टैगिंग की गई है। सीएम आवास लक्ष्य 148 के सापेक्ष लाभार्थियों के पंजीकरण तो 177 कर दिए गए, लेकिन जियो टैगिंग की स्थिति शून्य है। लाभार्थियों को आवास बनाने के धनराशि नहीं जारी हो पा रही है। आयुक्त ने दोनों महत्वपूर्ण योजनाओं में रुचि न लेने पर ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे।
सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि ग्राम्य विकास आयुक्त की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति खराब पाई गई। इस पर ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निलंबित की संस्तुति शासन में भेजने की चेतावनी दी गई है।