कभी शहर की शान रही एलएमएल (लोहिया मशींस लिमिटेड) की संपत्तियों को अब खरीदार नहीं मिल रहे हैं। लिक्विडेशन (देनदारी) में चल रही कंपनी की संपत्तियों की बिक्री के लिए एक बार फिर नौ दिसंबर को नोटिस जारी हुआ है। खरीदारों को आमंत्रित करने के लिए 24 दिसंबर तक का समय है।
कंपनी के पास 15 लाख 36 हजार इक्विटी शेयर जो वीसीसीएल लिमिटेड के हैं, उनके लिए भी नोटिस जारी हुआ है। कंपनी की पनकी औद्योगिक क्षेत्र सी-10 साइट दो और ए वन साइट तीन में 67.56 एकड़ जगह है। इसकी अनुमानित कीमत 275 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
अब इसे दो एरिया 52.35 एकड़ और 15.21 एकड़ दर्शाकर बिक्री की नई रणनीति बनाई गई है। पनकी स्थित फैक्टरी की जमीन, मशीनरी, प्लांट के लिए पहले भी कई बार नीलामी की बोली लगाई जा चुकी है। अब नीलामी से पहले खरीदारों को आकर्षित करने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट का नोटिस निकाला गया है।
कभी देश की बड़ी दो पहिया वाहन निर्माता कंपनी थी
बजाज कंपनी को टक्कर देने वाली एलएमएल की स्थापना वर्ष 1982 में हुई थी। दस साल पहले कंपनी की देनदारियां बढ़ गईं और इस पर चार सौ करोड़ का कर्जा हो गया। बैंक खाते एनपीए होने पर इंसाल्वेंसी एक्ट (दिवालिया कानून) के तहत मामला एनसीएलटी पहुंचा। एनसीएलटी ने लिक्विडेटर तैनात कर कंपनी की संपत्तियों की बिक्री करने व बकायेदारों के भुगतान के निर्देश दिए थे।
कर्मचारियों ने उठाई बकायेदारी की मांग
श्रमिक प्रतिनिधि विष्णु शुक्ला ने बताया कि कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के हक में औद्योगिक न्यायालय ने फैसला दिया था। 15 मार्च 2020 को जारी आदेश के मुताबिक 15 जुलाई 2007 से 23 मार्च 2018 तक की बकायेदारी 220 करोड़ रुपये आई है। इसमें कर्मचारियों की ग्रेच्युटी, सैलरी, बोनस, क्लोजर सहायता राशि, छुट्टी भुगतान शामिल है। उनके मुताबिक रिकवरी के लिए लिक्विडेटर के साथ पत्राचार शुरू कर दिया गया है। उनकी ओर से कोई आपत्ति नहीं लगाई गई है।