सरकार के बजट में नहीं दी गई कोई धनराशि
बताया गया कि 31 मार्च को वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला है। मंत्रालय की ओर से बजट का प्रावधान होने के बाद ही मिल की स्थिति साफ हो सकेगी। लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि इस संबंध में विभाग के अफसरों की जल्द ही समीक्षा बैठक प्रस्तावित है, जो सत्र समापन के बाद होगी। मिल चलाने की घोषणा सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के दौरान जरूर की गई थी, लेकिन प्रदेश सरकार के बजट में भी इस संबंध में कोई धनराशि नहीं दी गई।
उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद भी नहीं दर्ज करा रहे रिपोर्ट
मिल में डेढ़ साल पहले 52 लाख रुपये का वेतन घोटाला सामने आया था। ऑडिटर और प्रारंभिक जांच में घोटाला साबित हो चुका है। चार अफसरों को चार्जशीट दी जा चुकी है। इसमें से तीन अफसर सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। एक आरोपी जल्द सेवानिवृत्त होने वाला है। इसके बाद भी आज तक एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है। अजय सिंह का कहना है कि लाखों रुपये का अफसरों ने मिलकर घोटाला किया है। ये भी पता चल चुका है कि आरोपी के रिश्तेदार के खाते में रकम गई थी। फिर भी कुछ नहीं हुआ।