एक दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार सुबह बैंक खुलते ही कानपुर शहर का नजारा देखने लायक था। हजारों-लाखों की भीड़ में कोई हाथों में मेहंदी लगाये लाइन में खड़ा था तो कोई अपनी नई नवेली बहू को लेकर बैंक पहुंचा। एक ओर पब्लिक नोट के लिए भीड़ में परेशान हो रही थी तो दूसरी तरफ ठेली वाले आराम फरमाते हुए ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे। नोटों के मायाजाल में सभी वर्गों के लोग फंस चुके हैं। क्या अमीर, क्या गरीब, क्या नौकरीपेशा, क्या व्यापारी सभी चंद रुपयों के लिए बैंकों, डाकघरों और एटीएम बूथों के बाहर उम्मीद लगाये खड़े हैं।
विज्ञापन
बैंकों के बाहर लगी भीड़ को कराया नाश्ता
2 of 4
बैंकों के बाहर चाय वितरण करती महिलायें
- फोटो : अमर उजाला
रतनलाल नगर एसबीआई शाखा के बाहर लगी भीड़ को महिला संगठन की ओर से नाश्ता कराया गया। चाय के साथ-साथ बिस्किट भी लोगों को बाटे गये। ए विकास समिति ने पीएनबी गोविंद नगर शाखा के बाहर लाइन में लगे लोगों को निशुल्क पानी के पाउच और बिस्कुट बांटे। बर्रा स्थित इलाहाबाद बैंक और देना बैंक में लाइन में लगे लोगों की दशमेष परिवार कमेटी ने चाय और बिस्कुट बांटे। उधर, रोटरी क्लब कानपुर ग्रीन के लोगों ने पीएनबी की एम ब्लाक किदवई नगर शाखा, देना बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बैंकों के बाहर लगे लोगों को नाश्ता पानी कराया।
विज्ञापन
लाइन से बचने के लिए डाकघर में खुलवाएं खाता
3 of 4
बैंकों के बाहर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बैंक में पैसा जमा करने के लिए लाइन में लगने से बचने का एक विकल्प है। कोई भी सौ रुपये में किसी भी डाकघर में अपना खाता खुलवा ले। इसके लिए आपको डाकघर का अपने ग्राहक को जानो फार्म भरना होगा। एक आईडी और पैन कार्ड भी लगाना होगा। खाता खुलवाने के अगले दिन उसमें प्रचलन से बाहर हुए एक हजार और पांच के नोट जमा कर सकते हैं। डाकघर की शाखाओं में पैसा जमा करने के लिए भीड़ नहीं है।
किराने की दुकानों पर भी बैंक फॉर्म उपलब्ध
- फोटो : अमर उजाला
पब्लिक की परेशानियों को देखते हुए बैंकों की ओर से किराने की दुकान पर आवेदन फॉर्म रखवा दिये हैं। ये फॉर्म निशुल्क दिये जा रहे हैं। उधर सपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कुछ बैंकों के बाहर अपनी नाराजगी जताई। यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ता विपिन कुमार ने कहा कि सुबह से लाइन में लगे रहे लेकिन पैसे नहीं मिले नोट केवल अकाउंट में जमा ही किये जा रहे हैं।