ई-स्पिन नैनोटेक के फाउंडर संदीप पाटिल
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कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता है बल्कि उस काम को करने के लिए किया गया आपका दृढ़ निश्चय ही आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाता है। सफलता के उच्च शिखर तक पहुंचने वाले संदीप पाटिल की कुछ ऐसी बातें जो हमारे लिए कारगर हो सकती हैं, जानें क्या ऐसा खास कहा संदीप पाटिल ने...
कानपुरः स्टार्टअप के लिए किसी बड़े शख्स या बैकग्राउंड की जरूरत नहीं बल्कि बड़ी सोच की जरूरत है। आपका आइडिया जितना अच्छा होगा, उतना ही अच्छा स्टार्टअप कर सकते हैं। आपके पास अच्छा आइडिया होना चाहिए, केेंद्र सरकार समेत कई निवेशक आपकी आर्थिक मदद करने को तैयार हो जाएंगे। यह कहना है ई-स्पिन नैनोटेक के फाउंडर संदीप पाटिल का। केआईटी में आयोजित ‘उत्थान : अ स्टार्टअप निर्माण’ कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में यह बात कही। सवाल था कि क्या स्टार्टअप के लिए बड़े बैकग्राउंड की जरूरत है?
इस दौरान डॉ. संदीप ने अपनी सफलता की कहानी भी बया की। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से महाराष्ट्र के धुले जिले के पिंपरी गांव के रहने वाले हैं। 12वीं तक गांव के ही स्कूल में पढ़ाई की। फिर जलगांव के यूबीसीटी कॉलेज से 2004 में बीटेक किया। इसके बाद 2006 में एमएस यूनिवर्सिटी वडोदरा से एमटेक किया। केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी करने के लिए आईआईटी कानपुर आ गए।
यहां पढ़ाई के दौरान ही कंपनी शुरू करने का आइडिया आया। प्रोफेसर से पूछा और 2010 में ई-स्पिन नैनोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की शुरुआत की। इस कंपनी में वह नैनो फाइबर तैयार करके बड़ी बड़ी कंपनियों को देने लगे। कंपनी चलने लगी तो नैनो फाइबर की मदद से एयर प्यूरीफायर के लिए मेंबरॉन बनाने लगे। इसके अलावा वह दोस्तों के साथ मिलकर टेक्नो आर्बिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी चलाते हैं। इस कंपनी के जरिये वह वॉटर प्यूरीफायर तैयार कर रहे हैं।
चार लाख से शुरू की थी कंपनी
संदीप बताते हैं कि उन्होंने ई-स्पिन की शुरुआत चार लाख रुपये की थी। आज इसका टर्नओवर चार करोड़ रुपये के आसपास है। उन्हें बेस्ट एंटरप्रिन्योरशिप और यंग एंटरप्रिन्योर अवार्ड भी मिल चुका है।