इसके अलावा सफाई कर्मचारी, चौकीदार सहित 10 पदों के सापेक्ष एक भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती नहीं है। इससे वहां सफाई के लिए भी बाहर से कर्मचारी बुलाना पड़ता है।
चार कक्षों में हो रही 12 ट्रेडों की पढ़ाई
अनुदेशकों की कमी से कई ट्रेडों में ताले पड़े रहते हैं। अनुदेशक वीरेंद्र सिंह बताते हैं कि पढ़ाने के लिए चार ही अनुदेशक हैं। इससे सभी ट्रेडों के छात्रा-छात्राओं को चार ट्रेड में बैठाकर पढ़ाई कराई जाती है। बेसिक कस्मेटोलाजी में 42 सीटे हैं। इसमें 22 सीट भर चुकी हैं। 20 अभी खाली हैं।
बिजली न आने पर नहीं चल पाती मशीनें
कक्षाएं सुबह 10 से शाम 5 बजे तक संचालित होती हैं, लेकिन अक्सर दिन में बिजली गुल हो जाती है। इससे ट्रेड में लगी मशीनें नहीं चल पातीं। प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले छात्रों की कक्षा एक सप्ताह में 40 घंटे संचालित होनी चाहिए। इसमें 25 घंटे प्रेक्टिकल कराने होते हैं। पर बिजली न होने से प्रेक्टिकल नहीं हो पाते हैं।
इन ट्रेडों में नहीं हैं अनुदेशक
- ट्रेड- पंजीकृत छात्र
- टर्नर- 32
- इलेक्ट्रीशियन- 52
- मैकेनिक इलेक्ट्रानिक- 42
- रेफरिजरेशन एंड एयर कंडीशन- 52
- वेल्डर- 52
- प्लंबर- 52
- कंप्यूटर ऑपरेटर- 52
- बेसिक काॅस्मेटोलॉजी- 52
- सर्वेयर- 42