आवास विकास हंसपुरम के जल कल कार्यालय में ऑपरेटर को मारते पीटते लोग।
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कानपुर साउथ। घरों में गंदे पानी की आपूर्ति और चोक सीवर लाइन की समस्या से जूझ रही आवास विकास हंसपुरम की पब्लिक ने गुरुवार को हदें पार कर दीं। जलकल विभाग के डंप कार्यालय में घुसकर कुर्सियां-मेजें पलट दी और दरवाजे तोड़ डाले। पंप आपरेटर अधेड़ सहदेव पाल को कीचड़ में गिराकर पीटा। अलमारी में रखे सरकारी दस्तावेज फाड़कर फेंक दिए। सुपरवाइजर और कर्मचारी को जान बचाकर मौके से भागना पड़ा। कोई 20 मिनट तक उपद्रव करने के बाद पब्लिक वहां से खिसक गई। बाद में पहुंची पुलिस को कर्मचारियों ने पूरी बात बताई। पुलिस मीडिया के वीडियो कैमरों के फुटेज और फोटोग्राफ से उपद्रवियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। देर शाम नौबस्ता थाने में उपद्रवियों के खिलाफ तोड़फोड़, सरकारी कर्मचारियों से मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें हंसपुरम के अमित करिया, जसवंत, कमल गुप्ता, दो महिलाओं को नामजद किया गया है।
हंसपुरम आवास विकास सेक्टर पांच-सी और डी में सीवर लाइनों के चोक रहने से वहां गंदा पानी भरा रहता है। लीकेज पाइप लाइन सीवर के पानी से होकर निकली है, जिसके जरिए कई घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है।
यह समस्या पिछले एक साल से है। इस बीच तीन-चार बार सफाई भी करवाई गई लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही हालात हो गए। इस पर भड़की पब्लिक ने सुबह जलकल विभाग के डंप कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की। बाथरूम में लगी टाइल्स भी तोड़ डाली। जेटिंग मशीन (सीवर सफाई वाली गाड़ी) के शीशे तोड़ डाले। पंप ऑपरेटर को कैंपस में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सुपरवाइजर सुमित द्विवेदी और जेटिंग मशीन चालक राम प्रकाश को मौके से भागना पड़ा। जेई जीके तिवारी ने बताया कि उपद्रवी अलमारी का ताला तोड़ दस्तावेज भी ले गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर नौबस्ता इंस्पेक्टर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन इसके पहले ही उपद्रवी भाग चुके थे। इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी के मुताबिक सहदेव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कर ली। बता दें कि समस्या से जूझ रही पब्लिक ने मंगलवार को भी पंप आपरेटर सहदेव पाल को गंदे पानी में खड़ा करके विरोध प्रदर्शन किया था। दफ्तर में धावा बोलकर कर्मचारी से शिकायती रजिस्टर छीन लिया था।
न खोएं आपा, हो सकती जेल
कानपुर (ब्यूरो)। समस्याओं का समाधान कराने के लिए आप के पास कई विकल्प और अधिकार हैं। गुस्से में आपा खोकर किसी कर्मचारी या अफसर से अभद्रता और मारपीट तथा तोड़फोड़ करने पर आपको जेल हो सकती है। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित के मुताबिक आवास विकास हंसपुरम में तोड़फोड़ करने और पंप आपरेटर से मारपीट करने में न्यूसंस, सरकारी काम में बाधा डालने, लोक सेवक पर हमला करने में दो साल तक की कैद हो सकती है। अधिवक्ता का कहना है कि कोर्ट चाहे तो तोड़फोड़ में हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई का जुर्माना भी अभियुक्तों से वसूल सकती है।