जालौन जिले के अधिकारियों को कोई सगा नहीं है। विकास कार्यों में कागजी घोड़े दौड़ाकर वह जनता को तो धोखा देते ही रहते हैं। शौचालय निर्माण में मुख्यमंत्री तक को ठग लिया। सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण पूरा बताकर 19 अक्तूबर को मुख्यमंत्री से लखनऊ से ऑनलाइन लोकापर्ण करा दिया गया जबकि लोकार्पित हो चुके शौचालयों का अभी तक निर्माण कार्य ही चल रहा है।
शासन ने गांवों में सामुदायिक शौचालय के निर्माण कराने के आदेश दिए थे। कदौरा की 71 ग्राम पंचायतों में भी सामुदायिक शौचालयों का निर्माण शुरू कराया गया। सभी शौचालय अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक पूर्ण होने थे लेकिन ब्लॉक में ज्यादातर शौचालय नहीं बन पाए। इसके बावजूद शासन को शौचालय पूर्ण होने की रिपोर्ट भेज दी गई।
इस पर 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक शौचालयों का ऑनलाइन लोकार्पण कर दिया। हकीकत ये है कि ज्यादातर शौचालय अभी भी अधूरे हैं। किसी में सीटें नहीं लगी हैं तो किसी में छत नहीं पड़ी है। लोकार्पण होने के पत्थर भी अभी ब्लॉक मुख्यालय परिसर में रखे हैं। बीडीओ अतिरंजन सिंह खुद मानते हैं कि सामुदायिक शौचालय अभी अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि 52 शौचालय पूर्ण हो चुके हैं, 18 में कार्य चल रहा है। 25 दिसंबर तक कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।
कई लाख का बजट
ब्लॉक की 16 ग्राम पंचायतों में 6 सीटर, 55 में 4 सीटर शौचालय बनाए जा रहे हैं। 6 सीटर शौचालय का बजट 7 लाख 49 हजार और 4 सीटर का 5 लाख 73 हजार रुपये है। शौचालयों में पुरुष, महिलाओं व बच्चों की टॉयलेट बनाने का प्रावधान है।